
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सह-आचार्य डॉ.ममता आर्य ने एक बार फिर गढ़वाल विश्वविद्यालय और प्रदेश का मान बढ़ाया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर घोषित परिणामों में उनका चयन स्पर्श गंगा शिक्षाश्री पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें शिक्षा में नवाचार एवं समाजोन्मुखी कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा। हिमालयन एजुकेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसायटी (हर्ड्स),अल्मोड़ा द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित इस सम्मान समारोह में इस बार नौ प्रेरणादायक शिक्षकों को स्पर्श गंगा शिक्षाश्री पुरस्कार-2025 से अलंकृत किया जाएगा। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आगामी 17 दिसंबर को स्पर्श गंगा दिवस पर आयोजित किया जाएगा। संस्थान ने बताया कि यह सम्मान उन शिक्षकों और समाजसेवियों को प्रदान किया जाता है,जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट योगदान दिया हो,पर्यावरण संरक्षण के प्रति उल्लेखनीय कार्य किए हों,समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई हो,पुरस्कार स्वरूप चयनित शिक्षकों को स्मृति चिन्ह,प्रशस्ति पत्र एवं 11,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी,जबकि अन्य सम्मानित व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। यह आयोजन पिछले पांच वर्षों से निरंतर किया जा रहा है और देशभर के प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को इसमें मंच प्रदान किया जाता है। डॉ.ममता आर्य के इस चयन की खबर सामने आते ही गढ़वाल विश्वविद्यालय में हर्ष का वातावरण है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों,शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने उन्हें बधाई देते हुए गर्व महसूस किया है। सभी का कहना है कि यह सम्मान न केवल डॉ.आर्य की मेहनत और समर्पण का परिणाम है,बल्कि इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी और ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। गढ़वाल की इस बेटी का यह गौरवपूर्ण क्षण निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।