
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षक दिवस पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण आया,जब विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ.आलोक सागर गौतम को केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान का टीचिंग एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्यापन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और नवाचार की दिशा में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान द्वारा इस पुरस्कार की स्थापना उन शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई है,जिन्होंने अध्यापन एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ समाज और संस्थान के सर्वांगीण विकास में विशेष भूमिका निभाई हो। हर वर्ष यह पुरस्कार 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर दिया जाता है। इस वर्ष डॉ.गौतम को यह सम्मान उनके वायुमंडलीय एवं पर्यावरणीय भौतिकी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट शोध,अकादमिक गतिविधियों और अध्यापन में नवाचार के लिए दिया गया। विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन,वायु प्रदूषण,वायुमंडलीय स्वास्थ्य प्रभाव,बादल निर्माण एवं जलवायु अध्ययनों पर आधारित शोध कार्य। 160 से अधिक अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय शोध पत्रों का प्रकाशन,17 से अधिक पेटेंट्स का प्रकाशन। 28 वीं एशियाई एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सहित अनेक वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व उनके मार्गदर्शन में कई शोधार्थियों ने पीएचडी व एम.फिल उपाधि प्राप्त की है। साथ ही,वे भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,उत्तराखंड शासन एवं अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। डॉ.गौतम के इस चयन से गढ़वाल विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.तेजपाल सिंह,कुलसचिव डॉ.आर.के.थोंगी,डीन प्रो.एच.सी.पंत,डॉ.प्रदीप कुमार,डॉ.योगेंद्र बिष्ट सहित संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि डॉ.गौतम की यह उपलब्धि पूरे गढ़वाल के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। डॉ.गौतम पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं,जिनमें उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार,यंग साइंटिस्ट अवार्ड और राज्यस्तरीय सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य पुरस्कार प्रमुख हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल गढ़वाल विश्वविद्यालय बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है कि निरंतर परिश्रम और नवाचार से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। डॉ.गौतम ने अपनी भविष्य दृष्टि साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आने वाले समय में स्थानीय वायुमंडलीय चुनौतियों,जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य प्रभावों पर गहन शोध को और आगे बढ़ाना है। साथ ही,वे विद्यार्थियों में नवाचार और शोध की नई सोच विकसित कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाना चाहते हैं।