
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड की प्रदेश स्तरीय बैठक आज देहरादून में उत्साह और जोश के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में यह साफ संदेश गया कि पुरानी पेंशन (OPS) अब केवल मांग नहीं बल्कि कर्मचारियों का अधिकार और संकल्प बन चुकी है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 1 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी कर्मचारी अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर NPS और UPS का विरोध करेंगे। साथ ही प्रत्येक जनपद मुख्यालय में शाम को मशाल जुलूस और OPS चेतना रैली निकाली जाएगी। बैठक में वक्ताओं ने भावुक और संघर्षपूर्ण संबोधन देते हुए आंदोलन को अंतिम अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने कहा OPS बहाली की लड़ाई निर्णायक दौर में है,अब इसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाना होगा। कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने ऐलान किया कि कर्मचारी अपने हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करेंगे। महामंत्री सीता राम पोखरियाल ने सभी कर्मचारियों से जिम्मेदारी समझकर आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश संयोजक जसपाल गुसाईं ने कहा कि OPS बहाली अब कर्मचारी जगत की धड़कन बन चुकी है,इसे कोई ताकत दबा नहीं सकती। प्रदेश प्रवक्ता शंकर भट्ट ने सरकार को चेतावनी दी,यदि OPS बहाली की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 2027 के विधानसभा चुनाव में लाखों कर्मचारी और उनके परिवार निर्णायक शक्ति बनकर जवाब देंगे। प्रदेश समन्वयक लक्ष्मण सजवान ने उदाहरण देते हुए कहा कि देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ तक ने सेवानिवृत्ति के बाद OPS के लिए आवेदन किया है,जो स्पष्ट करता है कि बुढ़ापे में सम्मान जनक जीवन के लिए पुरानी पेंशन कितनी आवश्यक है। बैठक में यह भी तय हुआ कि आगामी दिनों में जनपद स्तर पर चेतना यात्राएं,रैलियां और बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोहित जोशी,संयुक्त मंत्री अभिषेक नवानी,जिला अध्यक्ष देहरादून माखन लाल शाह,जिला मंत्री देहरादून केदार फर्शवान,जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अंकित रौथान,जिला अध्यक्ष टिहरी राजीव उनियाल,शंकर सिंह पुंडीर,प्रवीन सिंह पंवार,जितेंद्र भारद्वाज,राकेश सिंह रावत,सुभाष भट्ट और मीनाक्षी भट्ट समेत कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित कर आंदोलन को नई ऊर्जा दी। NOPRUF ने ऐलान किया कि यह संघर्ष अब अंतिम दम तक जारी रहेगा और OPS बहाली होने तक कर्मचारी चैन से नहीं बैठेंगे।