
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल विश्वविद्यालय में रिक्त सीटों पर मेरिट बेस प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। यह अवसर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है,जो किसी कारण वश सीयूईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस बार पंजीकरण शुल्क को 100 रुपये से बढ़ाकर सीधे 400 रुपये कर देना छात्रों के बीच असंतोष का बड़ा कारण बन गया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रवेश प्रक्रिया में उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहा है। शुल्क में चार गुना की यह वृद्धि न केवल अव्यवहारिक है बल्कि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी डाल रही है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने इस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जब तक शुल्क पूर्ववत 100 रुपये नहीं किया जाता,विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन ने साफ कहा कि शिक्षा को वाणिज्यिक लाभ का साधन न बनाया जाए बल्कि विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है,ऐसे में शुल्क वृद्धि का कोई औचित्य नहीं बनता। आक्रोश व्यक्त करने वाले छात्रों में याशिका,निशा,राजदीप,तन्मय,ऋतुराज,प्रिया,सीमा और मोनिका चौहान सहित कई विद्यार्थियों ने अपनी नाराजगी जताई और कहा कि यह निर्णय पूरी तरह अनुचित है। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्णय वापस नहीं लिया गया तो छात्र समुदाय बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।