
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। ज्ञान-विज्ञान की ओर बढ़ते कदमों को नई दिशा देने हेतु केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने एक अभिनव पहल करते हुए अपने सभी परिसरों में एक साथ कंप्यूटर टैलेंट हंट प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता की प्रेरणा और प्रोत्साहन स्वयं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीनिवास वरखेड़ी से मिला है,जिन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में निर्धारित किया गया है। श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग में आयोजित प्रथम चरण में उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। कुल 232 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया,जिनमें से 207 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने न केवल कंप्यूटर ज्ञान,बल्कि तकनीकी समझ और तार्किक क्षमता का भी परिचय दिया। कंप्यूटर विभाग के प्राध्यापक पंकज कोटियाल ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता,तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य डिजिटल दुनिया का है और विद्यार्थियों को उसके अनुरूप तैयार करना ही इस प्रतियोगिता की सार्थकता है। आयोजक मंडल ने बताया कि आगामी तिथियों में प्रतियोगिता के शेष दो चरण भी आयोजित किए जाएंगे,जिनमें विद्यार्थियों को और चुनौतीपूर्ण अवसर दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय परिवार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य के चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की। इस आयोजन को विश्वविद्यालय ने ज्ञान परंपरा और तकनीकी नवाचार का संगम बताते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान की भावना के अनुरूप है। विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि संस्कृत विश्वविद्यालय जैसे परंपरागत शिक्षा केंद्र भी अब तकनीकी युग की धारा के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।