संघ की शताब्दी महाजयंती की तैयारी शुरू-शक्ति केंद्र देवलगढ़ में गूंजे देशभक्ति के स्वर

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवलगढ़ शक्ति केंद्र के बुघाणी गेस्ट हाउस में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक संघ की आगामी 100 वीं वर्ष शताब्दी महाजयंती

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गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवलगढ़ शक्ति केंद्र के बुघाणी गेस्ट हाउस में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक संघ की आगामी 100 वीं वर्ष शताब्दी महाजयंती को लेकर विशेष रूप से आहूत की गई,जिसमें समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए विस्तृत योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक का संचालन संघ के विस्तारक प्रमोद उनियाल के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने संघ के उद्देश्य,राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका तथा जयंती वर्ष को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीतियों पर विस्तार से विचार रखे। बैठक में खिर्सू मंडल महामंत्री भूपेंद्र पंवार संघ के विभिन्न संचालक एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। विशेष बात यह रही कि भाजपा जिला मंत्री रमेश मंद्रवाल,क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल पुरी,दुर्गेश कुमार फौजी,राजेश कुमार,पदमेन्द्र सिंह,ताजबर कुमार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी बैठक में शामिल हुए और जयंती को जनपर्व बनाने का संकल्प व्यक्त किया। स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश धारण कर अनुशासन और संगठन की मिसाल पेश की। पूरे हाल में देशभक्ति और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल गूंजता रहा। युवाओं की आंखों में विशेष उत्साह और संकल्प साफ झलक रहा था। बैठक के समापन पर स्वयंसेवकों ने जोशीले नारों से वातावरण को ऊर्जावान बना दिया-एक ही नारा,एक ही नाम-भारत माता की हो जयघोष तमाम,संघ है शक्ति,संघ है आधार-संघ से ही होगा राष्ट्र उद्धार,सौ वर्ष का गौरव गान बनेगा हिंदुस्तान महान,जहां स्वयंसेवक खड़ा वहीं सफलता का नया पथ खुला। बैठक में यह तय हुआ कि आगामी महीनों में प्रभात फेरियां,सांस्कृतिक कार्यक्रम,सेवा कार्य,संगोष्ठियां और व्याख्यान जैसे अनेक आयोजन किए जाएंगे,ताकि संघ की 100 वीं वर्षगांठ केवल एक उत्सव न रहकर राष्ट्र निर्माण का संकल्प बन सके। देवलगढ़ और आस-पास के गांवों में पहले से ही जयंती समारोह को लेकर उत्साह का वातावरण है। युवा स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को जोड़ने की मुहिम में जुट गए हैं। चौपालों और गलियों में चर्चा है कि यह जयंती केवल संघ का नहीं बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का पर्व होगी। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह 100 वीं वर्ष शताब्दी महाजयंती समाज के हर वर्ग की सहभागिता से एक ऐतिहासिक पर्व बनेगी और राष्ट्रहित में मील का पत्थर साबित होगी।

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