
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने शनिवार को देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में हाल ही में आई आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और उनके स्थायी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से श्रीनगर एवं धारी देवी मंदिर क्षेत्र के भू-धसाव,फरासू क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षति तथा चौथान क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री डॉ.रावत ने कहा कि आपदाओं के तात्कालिक समाधान के साथ-साथ स्थायी निवारण जरूरी है। इसके लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। डॉ.रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आपदाग्रस्त स्थलों की भौगोलिक एवं भूसंरचनात्मक जांच तत्काल आईआईटी रुड़की से कराई जाए,ताकि इन समस्याओं का वैज्ञानिक आधार पर समाधान निकल सके और भविष्य में इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। बैठक में आपदा सचिव,लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी,जिलाधिकारी पौड़ी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों से वासुदेव कंडारी,संदीप गुसाई तथा भाजपा संगठन से जिला महामंत्री गणेश भट्ट,श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल और नरेंद्र रावत (कुट्टी भाई) भी शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी एजेंसियां आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा,बल्कि ठोस और दीर्घकालिक योजना बनाकर उसे धरातल पर उतारना आवश्यक है। बैठक के अंत में डॉ.रावत ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है आपदा प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत देना और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करना।