नवप्रवेशी छात्रों का भव्य स्वागत-एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रा दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न

नवप्रवेशी छात्रों के लिए प्रेरणा का मंच बना एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय चौरास परिसर के स्वामी मनमन्थन ऑडिटोरियम में 16 सितंबर 2025 को

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नवप्रवेशी छात्रों के लिए प्रेरणा का मंच बना एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय चौरास परिसर के स्वामी मनमन्थन ऑडिटोरियम में 16 सितंबर 2025 को आयोजित छात्र दीक्षारंभ कार्यक्रम (Student Induction Programme) ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को यादगार बना दिया। शिक्षा संकाय,अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय तथा प्रबंधन संकाय के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में विद्यार्थियों,संकाय सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो.एस.पी.सिंह ने नवप्रवेशी छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं,बल्कि यह जीवन में आदर्श,नैतिकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व विकसित करने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुसंधान,नवाचार और समाजसेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डीआईजी सुभाष चन्द ने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन चुनौतियों से भरा होता है,लेकिन आत्मविश्वास,अनुशासन और दृढ़ निश्चय से कठिनाइयों को पार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कुलसचिव प्रो.आर.के.डोढ़ी ने विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि,संरचना और विविध शैक्षणिक गतिविधियों का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक,सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों के संवर्धन पर भी विश्वविद्यालय विशेष ध्यान देता है। परीक्षा से आगे बढ़ें,जीवन के हर क्षेत्र में ज्ञान का उपयोग करें प्रो.एम.एस.पंवार। अपने विशिष्ट संबोधन में प्रो.एम.एस.पंवार ने कहा कि उच्च शिक्षा का मार्ग कठिन अवश्य है,परंतु सतत अध्ययन,आत्म-अनुशासन और गहन जिज्ञासा से सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित न रहने,बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अर्जित ज्ञान का उपयोग करने की प्रेरणा दी। डीन छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने विश्वविद्यालय की छात्रवृत्तियों,कल्याणकारी योजनाओं और नियमावली की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इनका लाभ उठाने की अपील की। परिसर निदेशक प्रो.आर.एस.नेगी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और सुविधाओं का परिचय दिया। मुख्य अधिष्ठाता अनुशासन प्रो.एस.सी.सती ने प्रॉक्टोरियल नियमों की जानकारी देते हुए छात्रों को अनुशासन,शैक्षणिक ईमानदारी और गरिमा बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय एंटी-रैगिंग पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाता है। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो.एम.एम.एस.रौथाण और शिक्षा संकाय की डीन प्रो.सुनीता गोडियाल ने अपने-अपने संकायों की विशेषताओं और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र के बाद विद्यार्थियों को समर्थ पोर्टल,आंतरिक शिकायत समिति,एनसीसी,एनएसएस,भेदभाव-निरोधी प्रकोष्ठ,परीक्षा प्रणाली,पुस्तकालय,छात्रावास,प्लेसमेंट सेल,छात्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ,एंटी-रैगिंग प्रकोष्ठ और खेलकूद गतिविधियों जैसी सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी संबंधित समन्वयकों द्वारा दी गई। आभार प्रदर्शन प्रो.महेंद्र बाबू कुरावा,समन्वयक,दीक्षारंभ कार्यक्रम द्वारा किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में डॉ.मुकुल पंत,डॉ.हीरालाल यादव,डॉ.कुलदीप कुमार,डॉ.वाई.पी.पुंडीर एवं डॉ.सिद्धार्थ लोहनी की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।

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