
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर उत्तराखण्ड ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक और प्रशिक्षण गुणवत्ता का लोहा मनवा दिया है। संस्थान के 2024–25 बैच ने शानदार कैंपस प्लेसमेंट हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है।
रिकॉर्ड प्लेसमेंट रेट
नवीनतम प्लेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार,संस्थान के लगभग 60 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी शाखाओं में कोर कंपनियों के साथ सफलतापूर्वक प्लेसमेंट प्राप्त किया। विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग शाखा ने 77.5 प्रतिशत प्लेसमेंट रेट दर्ज कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। यह आंकड़ा संस्थान के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
टॉप रिक्रूटर्स और आकर्षक पैकेज
इस वर्ष के प्लेसमेंट सत्र में देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां सैमसंग आर एंड डी,एल एंड टी,कैपजेमिनी,इन्फोसिस,एचसीएल टेक्नोलॉजीज,एमईसीओएन लिमिटेड,ऑप्टिम,बीईएल,डिक्सन टेक्नोलॉजीज,एमएक्यू सॉफ्टवेयर और एनविडिया ने भाग लिया और प्रतिभाशाली छात्रों को आकर्षक पैकेज ऑफर किए। इस बार का सर्वाधिक पैकेज 17 लाख रुपये वार्षिक (एलपीए) रहा,जबकि औसत पैकेज 7.1 लाख रुपये वार्षिक (एलपीए) दर्ज किया गया।
छात्रों की व्यक्तिगत उपलब्धियां
संस्थान के छात्रों ने इस बार भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। बी.टेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र आशीष,बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स के छात्र राहुल और बी.टेक सिविल के छात्र हिमांशु ने MECON, BEL और अन्य शीर्ष कंपनियों में जगह बनाई। इसी तरह बी.टेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र अभय भट्ट ने Optym में 17 लाख वार्षिक पैकेज के साथ चयनित होकर पूरे बैच के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
संस्थान की भूमिका और भविष्य की दिशा
एनआईटी श्रीनगर उत्तराखण्ड के कैरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेक्शन के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ.हरिहरन मुथुसामी ने कहा यह प्रभावशाली प्लेसमेंट परिणाम हमारे छात्रों की क्षमता और हमारी समर्पित टीम की कड़ी मेहनत को दर्शाता है। हम उद्योगों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करेंगे और भविष्य में और भी बड़ी सफलता की ओर अग्रसर होंगे।
उद्योग-अकादमिक साझेदारी की मिसाल
एनआईटी श्रीनगर उत्तराखण्ड लगातार अग्रणी उद्योगों के साथ साझेदारी कर छात्रों को बेहतर करियर अवसर प्रदान करने में जुटा है। प्लेसमेंट आंकड़े बताते हैं कि संस्थान न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि व्यावहारिक कौशल और उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।