
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की परंपरागत फसलों और भोजन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा इसे वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगामी 7 अक्तूबर 2025 को पूरे राज्य में गढ़ भोज दिवस वृहद स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश जारी कर राज्य की जनता,प्रवासी उत्तराखण्डियों,स्वयं सहायता समूहों,होटलों,रेस्टोरेंट संचालकों और देश-विदेश में रहने वाले होटल व्यवसाय से जुड़े उत्तराखण्डियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़कर गढ़ भोज दिवस को एक भव्य स्वरूप दें। राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने शिक्षा,स्वास्थ्य,सहकारिता एवं उच्च शिक्षा विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक संस्था इस दिवस को रचनात्मक रूप से मनाए,ताकि नई पीढ़ी स्थानीय अन्न-भोजन परंपरा से परिचित हो सके। स्वाद में परंपरा,थाली में उत्तराखंड,गढ़ भोज दिवस का मूल उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को फिर से जनजीवन में शामिल करना है। मुख्यमंत्री के आह्वान और विभागीय सहभागिता से इस वर्ष गढ़ भोज दिवस राज्यभर में उत्सव का रूप लेने जा रहा है। गढ़ भोज दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2022 से की गई थी। इसके प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य केवल भोजन उत्सव नहीं बल्कि उत्तराखंड की औषधीय गुणों से भरपूर फसलों को मुख्यधारा से जोड़ने और इनके महत्व पर चर्चा करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह दिवस उन कृषकों और परंपरागत समाजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भी अवसर है जिन्होंने सदियों से इन फसलों की विरासत को जीवित रखा। मिलेट्स से जुड़ेगी नई पीढ़ी,गूंजेगा गढ़ भोज दिवस। गढ़ भोज अभियान के नोडल अधिकारी डॉ.अरविंद दरमोडा ने कहा नई पीढ़ी को मोटे अनाजों और परंपरागत व्यंजनों को अपनी थाली का हिस्सा बनाना चाहिए। यह न केवल स्वास्थ्यवर्धक है,बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान भी है। उन्होंने बताया कि हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के माध्यम से वर्ष 2000 से ही यह प्रयास लगातार जारी है कि उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन को देश-दुनिया में पहचान मिले। इस वर्ष गढ़ भोज दिवस पर स्कूलों,कॉलेजों,मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विविध कार्यक्रम होंगे जिनमें सेमिनार,निबंध प्रतियोगिता,भाषण प्रतियोगिता,स्वाद प्रतियोगिता और स्थानीय व्यंजन प्रदर्शन शामिल रहेंगे। मुख्य आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास,राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में होगा। यह कार्यक्रम पर्वतीय विकास शोध केंद्र,हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी,मानव विज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग,एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय,संविदा शिक्षक राजकीय महाविद्यालय उत्तराखण्ड एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से समायोजित एवं प्रगति एसोसिएट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। अपनी जड़ों से जुड़ने का पर्व-गढ़ भोज दिवस 2025 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,जबकि विशिष्ट अतिथियों में एचएनबी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह,राजकीय मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.आशुतोष सायना और पर्यावरण संकाय के डीन डॉ.आर.के.मैखुरी शामिल रहेंगे। गढ़ भोज दिवस उत्तराखंड की परंपरागत भोजन संस्कृति,जैव विविधता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक सशक्त अभियान बन चुका है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री की अपील से इस बार यह दिवस न केवल राज्य में बल्कि देश-विदेश में बसे उत्तराखंडियों के बीच भी देवभूमि के स्वाद का वैश्विक पर्व बनाकर मनाया जाएगा।