

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। शौर्य और बलिदान की प्रतीक रिखणीखाल की धरती रविवार को राष्ट्रभक्ति के जयघोष से गूंज उठी,जब उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां आयोजित शहीद स्मरण समारोह में भाग लेकर वीर शहीदों को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 102.82 करोड़ रुपये की कुल 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए क्षेत्र को अभूतपूर्व विकास की सौगात दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल परिसर में स्थापित विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने पहाड़ी परंपरा के अनुरूप ओखली में धान कूटने,सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की परंपरागत गतिविधियों में सहभागिता कर स्थानीय संस्कृति के प्रति अपनी आत्मीयता दर्शाई। उन्होंने कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और हमें अपने पारंपरिक उत्पादों को स्वरोजगार का माध्यम बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का प्रसारण भी स्थानीय जनता के साथ सुना। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित वीर नारियों,शहीद परिजनों और पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि का क्षण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हर घर का कोई न कोई सदस्य सेना में है। हमारे वीर जवानों ने सदैव भारत माता की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शहीद परिजनों की अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु सहायता राशि अब रुपए 10,000 कर दी गई है तथा भूमि खरीद पर सैनिकों को 25 प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 अन्य प्रकरण प्रक्रिया में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम शीघ्र ही लोकार्पित होगा,जो राज्य के वीर सैनिकों की अमर गाथा को हमेशा जीवित रखेगा। रिखणीखाल में घोषणाओं की झड़ी शिक्षा,स्वास्थ्य और सड़क से विकास को नई गति,मुख्यमंत्री ने रिखणीखाल में जनभावनाओं को देखते हुए कई घोषणाएं कीं,जिनमें शामिल हैं-राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम पर किया जाएगा। रिखणीखाल में प्रेक्षागृह,अतिथि गृह और हैलीपैड का निर्माण। जयहरीखाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना। मंदाल नदी से नौदानू तक पम्पिंग जल योजना का निर्माण। पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार-सिलवाड़,ढौंटियाल,जयहरीखाल में नई सुविधाएं। अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय सड़कों का नामकरण। चौलू डांडा,लेकुल-नाड़-मज्याड़ी,कठवाड़ा-खनसुली-खनेताखाल जैसे सड़कों का चौड़ीकरण व निर्माण। रिखणीखाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति की घोषणा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास की राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी),लैंड जिहाद रोकथाम कानून,नकल विरोधी कानून और ऑपरेशन कालनेमि जैसे निर्णय सुशासन की दिशा में ऐतिहासिक पहल हैं। स्थानीय विधायक एवं कार्यक्रम संयोजक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से ही प्रेरणा मिलती है। यह धरती शहीदों की अमर गाथा से भरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार सृजन,नकल विरोधी कानून और यूसीसी लागू करने जैसे फैसले राज्य के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स सेंटर,लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल,ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेनू रावत,प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण,जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत,भाजपा पदाधिकारी,सैनिक,वीर नारियां,शहीद परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय जनसमूह उपस्थित रहे।