
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भण्डारी ने आगामी बैकुंठ चतुर्दशी मेले को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए कमर कस ली है। धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के इस पर्व को लेकर वे निरंतर जनसंपर्क और संवाद में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में उन्होंने देहरादून में राज्य के कई वरिष्ठ जन-प्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें मेले में सादर आमंत्रित किया। महापौर आरती भण्डारी ने सबसे पहले लैंसडाउन विधानसभा के विधायक एवं सिद्धबली मंदिर के महंत दिलीप रावत से उनके देहरादून स्थित आवास पर भेंट की। उन्होंने उन्हें बैकुंठ चतुर्दशी मेले में आने का स्नेहिल निमंत्रण देते हुए कहा कि दिलीप रावत का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। उनके आतिथ्य के लिए मैं हृदय से आभारी हूं। इसके पश्चात महापौर ने राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को मेले में आमंत्रित करते हुए कहा कि सुबोध उनियाल सदैव अभिभावक की भांति मार्गदर्शन देते हैं। उनके आशीर्वाद और स्नेह से इस आयोजन को निश्चित ही नया आयाम प्राप्त होगा। महापौर आरती भण्डारी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से भी शिष्टाचार भेंट कर मेले में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सौरभ बहुगुणा का सरल स्वभाव और सहयोगी दृष्टिकोण हमेशा से प्रेरणास्रोत रहा है। उनके साथ का अनुभव सदैव उत्साहवर्धक होता है। इसी कड़ी में उन्होंने देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी से उनके मलेथा स्थित आवास पर मुलाकात की और उन्हें भी श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित होने वाले इस पारंपरिक और ऐतिहासिक मेले में सादर आमंत्रित किया। महापौर आरती भण्डारी ने इस अवसर पर कहा बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर गढ़वाल की धार्मिक,सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का सशक्त प्रतीक है। यह मेला हमारी लोक संस्कृति,परंपरा और श्रद्धा को जीवित रखने का माध्यम है। मैं प्रदेशवासियों,श्रद्धालुओं और सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह करती हूं कि इस बार के मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाएं। महापौर ने अंत में सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के जननेता जिस प्रकार इस आयोजन को अपना सहयोग और आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं,उससे स्पष्ट है कि इस वर्ष का बैकुंठ चतुर्दशी मेला न केवल श्रीनगर बल्कि पूरे गढ़वाल अंचल के लिए एक ऐतिहासिक और भव्य उत्सव के रूप में याद किया जाएगा। बैकुंठ चतुर्दशी मेला न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है,बल्कि यह गढ़वाल की सांस्कृतिक विरासत और जन-भागीदारी की झलक भी पेश करता है। नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल के अथक प्रयासों और महापौर आरती भण्डारी के नेतृत्व में इस बार मेला नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है।