
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। समाज में नशामुक्ति और भ्रष्टाचार के विरोध की अलख जगाने के उद्देश्य से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं सतर्कता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किल्लकिलेश्वर में शनिवार को एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन नशा मुक्त भारत अभियान और सतर्कता जागरूकता सप्ताह का सशक्त उदाहरण बना,जिसमें छात्राओं ने समाज को स्वच्छ,सशक्त और नैतिक बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ,जिसके पश्चात विश्वविद्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी एवं डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो.एम.एम.सेमवाल ने उपस्थित छात्राओं को भ्रष्टाचार के विरोध और नशा मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने अपने प्रभावशाली संबोधन में नशे के सामाजिक,मानसिक और शारीरिक दुष्प्रभावों पर विस्तृत प्रकाश डाला। प्रो.सेमवाल ने कहा कि नशा व्यक्ति की चेतना,समाज की दिशा और राष्ट्र की प्रगति-तीनों को कमजोर करता है। युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन से नशे को सदा के लिए दूर करें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के उप सतर्कता अधिकारी एवं व्यवसाय प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर महेंद्र बाबू ने कहा कि भ्रष्टाचार और नशा-दोनों ऐसे सामाजिक विष हैं जो समाज की जड़ों को कमजोर करते हैं। उन्होंने युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई और छात्राओं से अपील की कि वे नशे से दूरी और ईमानदारी को अपनी शक्ति बनाएं। डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के सदस्य डॉ.आशीष बहुगुणा ने नशा मुक्ति के साथ-साथ विद्यार्थियों को डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र द्वारा संचालित नि:शुल्क कोचिंग और परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि आप लक्ष्य तय कर उसे पाने का संकल्प ले लें,तो कोई बाधा आपको रोक नहीं सकती। कार्यक्रम में डॉ.प्रकाश सिंह सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। आयोजन की अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज,किलकिलेश्वर की प्रधानाचार्य डॉ.मीना सेमवाल ने की। उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और नशा-दोनों से समाज की ऊर्जा नष्ट होती है। हमें मिलकर इन पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रयासरत रहना होगा। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नशा और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। उपस्थित छात्राओं ने पोस्टर,स्लोगन और सामूहिक संकल्प के माध्यम से यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी अब जाग चुकी है नशा मुक्त और ईमानदार भारत ही हमारा लक्ष्य है। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता का प्रतीक बना बल्कि इसने यह भी साबित किया कि शिक्षा संस्थान यदि सामाजिक चेतना के केंद्र बनें,तो परिवर्तन की लौ दूर तक फैल सकती है।