
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष,प्रवक्ता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने राज्य के सभी कांग्रेसजनों से 6 नवंबर को उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती के अवसर पर मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक चलो कार्यक्रम में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के उन वीर सपूतों को याद करने का है जिन्होंने पृथक राज्य के निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा 2 अक्टूबर 1994 के मुजफ्फरनगर कांड के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा किए गए सहयोग के प्रति उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार प्रकट करेंगे। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान की उपज है,परंतु आज वही आंदोलनकारी उपेक्षा के शिकार हैं। राज्य सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही,जिससे आंदोलनकारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार राज्य के हर कोने में पैर पसार चुका है,और सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए 1005 करोड़ रुपये झूठे प्रचार पर खर्च कर रही है। धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में जनता महंगाई,बेरोजगारी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रही है,वहीं मुख्यमंत्री रोजाना हेलीकॉप्टर से उड़ान भरते हुए करोड़ों रुपये का तेल जला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है,नौजवान बेरोजगारी से त्रस्त हैं,पलायन लगातार बढ़ रहा है और किसान अपनी उपज का वाजिब मूल्य न मिलने से निराश हैं। सेब,मंडुवा और झुंगरा पैदा करने वाला किसान आज तबाही के कगार पर है,उन्होंने कहा पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। रिखणीखाल में प्रसूता की रोज मौतें हो रही हैं और अब चौखुटिया के लोग भी देहरादून में न्याय के लिए भटक रहे हैं,उन्होंने कहा इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक प्रकरणों ने राज्य के युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन और आरक्षण के नाम पर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य के निर्माता आंदोलनकारियों को 4000 रुपये की पेंशन देकर भिखारी बना दिया गया है,जबकि भाजपा के कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र सेनानी बताकर 20,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव राज्य के आंदोलन की भावना का अपमान है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण राजधानी देहरादून और बड़े शहरों में अपराध बढ़े हैं और कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा राजधानी का सपना टूटा पड़ा है, सरकार केवल समारोह और प्रचार में व्यस्त है। धीरेंद्र प्रताप ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार द्वारा आयोजित रजत जयंती समारोह से दूरी बना ली है। इसके स्थान पर कांग्रेस अपने स्तर पर शहीदों को नमन और जनता के सवाल उठाने का अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि अब जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है,क्योंकि यह सरकार जनभावनाओं और राज्य आंदोलन की भावना का अपमान कर रही है।