
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में रजत जयंती समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में श्रीनगर में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला के अवसर पर एक विशेष विभागीय गोष्ठी का आयोजन किया गया,जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित परियोजना निदेशक,डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय ने कहा कि राज्य स्थापना की रजत जयंती का यह अवसर आत्ममंथन और नई दिशा तय करने का है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका वास्तविक लाभ ग्रामीण जन तक पारदर्शिता और सहभागिता के साथ पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता को योजनाओं की सही जानकारी देने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को इनसे लाभान्वित करने के लिए प्रयासरत रहें। गोष्ठी के दौरान ग्राम्य विकास विभाग,पंचायती राज,मनरेगा,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा ग्रामोत्थान परियोजना से संबंधित अधिकारियों ने अपनी योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य गठन के बाद से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन,महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मनरेगा के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार के अवसर मिले हैं। एनआरएलएम से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों ने आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान बनाई है। ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से बुनियादी ढांचे का विकास व आजीविका संवर्धन कार्य प्रभावी ढंग से हो रहे हैं। गोष्ठी में एडीओ पंचायत,बीएमएम एनआरएलएम,डीपीओ मनरेगा,एम एंड ई ग्रामोत्थान तथा आरबीआई कोटद्वार के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की कार्यप्रणाली,पात्रता मानदंड,लाभार्थी चयन प्रक्रिया और वर्तमान प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का आधार केवल सरकारी क्रियान्वयन नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं से जुड़ी जिज्ञासाएं व प्रश्न अधिकारियों के समक्ष रखे,जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया। उपस्थित जनता ने विभागीय अधिकारियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गोष्ठियां जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। गोष्ठी का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण जनता को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाना था। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी,कर्मचारी,जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।