उत्तराखंड की रजत जयंती: आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष को नमन — जिलाधिकारी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जनपद पौड़ी गढ़वाल के सभी तहसील मुख्यालयों पर शनिवार को भव्य राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जनपद पौड़ी गढ़वाल के सभी तहसील मुख्यालयों पर शनिवार को भव्य राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत शहीद आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन करने से हुई। इसके उपरांत राज्य निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह पौड़ी तहसील मुख्यालय में आयोजित हुआ जिसमें विधायक राजकुमार पोरी मुख्य अतिथि तथा जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की विशिष्ट उपस्थिति रही। समारोह में पहुंचे अतिथियों ने सर्वप्रथम राज्य आंदोलन के शहीदों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियों के कारण ही आज उत्तराखण्ड एक स्वप्न नहीं,बल्कि साकार हकीकत है। विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड राज्य हमारे संघर्षशील आंदोलनकारियों के त्याग,बलिदान और अडिग संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा आंदोलनकारियों ने जिन सपनों के साथ अलग राज्य का सपना देखा था,अब समय है कि हम सब मिलकर उनके उस स्वप्न को साकार करें। आत्मनिर्भर,सुशासित और समृद्ध उत्तराखण्ड ही उनके संघर्ष को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड आंदोलन त्याग,साहस और जनभावनाओं का जीवंत प्रतीक है। आज का सम्मान समारोह उन अमर वीरों के प्रति हमारी कृतज्ञता है जिन्होंने अपने लहू से इस राज्य की नींव रखी। ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि राज्य निर्माण का मूल उद्देश्य यही था कि यहां का पानी और जवानी यहीं के काम आए। अब जिम्मेदारी हमारी है कि इस भावना को चरितार्थ करें और विकास की हर धारा गांव तक पहुंचाएं। समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि रजत जयंती का यह अवसर सिर्फ उत्सव नहीं,बल्कि आत्ममंथन का क्षण भी है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन हमारे इतिहास का वह अध्याय है जो हमें निरंतर प्रेरणा देता है। हमें यह सोचना होगा कि पिछले 25 वर्षों में हमने क्या पाया और आगे किस दिशा में बढ़ना है। विकास तभी सार्थक होगा जब यह नीचे से ऊपर की ओर जनता की भागीदारी के साथ हो। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में रजत जयंती समारोह राज्य के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देने के लिए है कि आंदोलन की भावना अब भी जीवित है और उसे जनसहभागिता के रूप में आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समारोह में उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों में विश्वम्बर दत्त खंकरियाल,सुषमा रावत,बीरा भंडारी,रेवती नंदन डंगवाल,सरिता नेगी,अद्वैत बहुगुणा,महेंद्र असवाल,सावित्री नेगी, प्रेम बल्लभ पंत एवं कुंजिका प्रसाद उनियाल ने अपने संबोधन में आंदोलन के संघर्ष,बलिदान और जनभावनाओं की याद ताजा की। वक्ताओं ने कहा कि यह राज्य हमारी एकता,अटूट संकल्प और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अमर गाथा है। कार्यक्रम में बीआर मॉडर्न विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया,जिससे समारोह भावनात्मक और ऊर्जावान वातावरण में परिवर्तित हो गया। इसी क्रम में जनपद की अन्य सभी तहसीलों में भी रजत जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन हुए,जिनमें जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों,आंदोलनकारियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,तहसीलदार दीवान सिंह राणा,जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी,नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी अन्य अधिकारी-कर्मचारी,जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं आंदोलनकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा आंदोलनकारियों का संघर्ष हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है,अब जिम्मेदारी हमारी है कि उनके सपनों का उत्तराखण्ड बनाएं।

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