
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के प्लान ऑफ एक्शन तथा जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में दिनांक 7 दिसंबर 2025 (रविवार) को प्रात-10 बजे विकास खण्ड परिसर कल्जीखाल में एक बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल नाजिश कलीम ने शिविर को सफल बनाने हेतु कल्जीखाल क्षेत्र के पराविधिक स्वयंसेवकों और अधिकार मित्रों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक में शिविर की रूपरेखा,कार्य-विभाजन,दायित्व निर्धारण तथा कार्यक्रम संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव नाजिश कलीम ने प्रतिभागियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं,बल्कि ग्रामीण समस्याओं का स्थल पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में क्षेत्र के सभी पराविधिक स्वयंसेवकों एवं अधिकार मित्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीण जनता तक निःशुल्क विधिक परामर्श,नालसा की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। शिविर में ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए एक ही मंच से समग्र समाधान उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान रहेगा। शिविर में शिक्षा,समाज कल्याण,कृषि,पशुपालन,उद्यान,राजस्व,श्रम,उद्योग,पंचायत राज,जिला विकास,पूर्ति,स्वास्थ्य,स्वजल,विद्युत,खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति,जल संस्थान और अक्षय ऊर्जा विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। अधिकारी विभागीय योजनाओं की जानकारी देंगे,पात्र व्यक्तियों के योजना फॉर्म यहीं भरवाएंगे और समस्याओं के स्थल पर तत्पर समाधान का प्रयास करेंगे। इस शिविर से कल्जीखाल क्षेत्र के ग्रामीणों को न केवल विधिक जानकारी मिलेगी,बल्कि उनके सामाजिक,आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यापक मंच भी उपलब्ध होगा। यह पहल नालसा की उस भावना को सशक्त करती है,जिसके अनुसार हर व्यक्ति को न्याय तक समान और सरल पहुंच उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।