
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था भागीरथी कला संगम की एक महत्वपूर्ण बैठक आज स्थानीय कल्याणेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत गढ़वाल क्षेत्र में पिछले दिनों बाघ के हमलों में मारे गए ग्रामीणों की दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। संस्था के सभी सदस्यों ने मृतकों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की। संस्था में जुड़े नए सदस्यों पूर्व प्रधानाचार्य अवदेश मणि लाल तथा रिटायर्ड शिक्षक यमुना प्रसाद काला का उपस्थित सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। संस्था ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाजसेवी गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी। बैठक के दौरान सदस्यों ने बढ़ते जंगली जानवरों के हमलों से चिंतित ग्रामीणों के प्रति चिंता व्यक्त की और इस दिशा में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। सदस्यों ने कहा कि वन्यजीवों के व्यवहार,सुरक्षा उपायों तथा वन विभाग से समन्वय जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों को जानकारी देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। संस्था से जुड़े निर्देशक मदन गड़ोई ने बैठक में अपनी नई लघु फिल्म गौं बचावा रे की पटकथा सभी सदस्यों के साथ साझा की। फिल्म में बढ़ते पलायन,जंगली जानवरों का आतंक,ग्रामीणों के संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। बैठक में फिल्म के कलाकारों का चयन भी किया गया और अगले सप्ताह खंडहा,चमराड़ा,असंगी सहित आसपास के कई इलाकों में शूटिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। भागीरथी कला संगम लंबे समय से सामाजिक,सांस्कृतिक और जन-जागरूकता आधारित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता आया है। संस्था का मानना है कि समाज में व्याप्त समस्याओं को कला,थिएटर और फिल्मों के माध्यम से प्रभावी संदेश के रूप में पेश किया जा सकता है। बैठक में संस्था अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,निर्देशक मदन गड़ोई,भगवती प्रसाद पुरी,रमेश चंद्र थपलियाल,भगत सिंह बिष्ट,दीनबंधु सिंह चौहान,हरेंद्र तोमर,संजय कोठारी,किशोरी नौटियाल,पदमेंद्र रावत,प्रमोद नौड़ियाल,अवधेश मणि,यमुना प्रसाद काला तथा राजेंद्र रावत सहित सभी सदस्यों की उपस्थिति रही। बैठक का समापन समाजहित में निरंतर सक्रिय रहने के संकल्प के साथ किया गया।