विजय दिवस पर पौड़ी में देशभक्ति का सैलाब-मार्च पास्ट,शहीदों को श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा जनपद

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब देश की सीमाओं पर इतिहास लिखा गया,तब भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान ने तिरंगे को विजय का प्रतीक बनाया। उसी गौरवपूर्ण क्षण की स्मृति में

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब देश की सीमाओं पर इतिहास लिखा गया,तब भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान ने तिरंगे को विजय का प्रतीक बनाया। उसी गौरवपूर्ण क्षण की स्मृति में भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम अध्याय 1971 के भारत-पाक युद्ध की ऐतिहासिक विजय को स्मरण करते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल में विजय दिवस हर्षोल्लास,गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। विजय दिवस के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एनसीसी कैडेट्स के नेतृत्व में एजेंसी चौक से कलेक्ट्रेट परिसर तक अनुशासित मार्च पास्ट निकाला। मार्च पास्ट को स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने एजेंसी चौक पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कदमताल और देशभक्ति नारों के साथ निकाले गए इस मार्च पास्ट ने पूरे नगर को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। मार्च पास्ट के उपरांत विधायक राजकुमार पोरी,प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पुलिस बल द्वारा शहीदों के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया,जिससे वातावरण अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण हो उठा। इसके पश्चात प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक राजकुमार पोरी एवं मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभागार को देशप्रेम की भावना से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर वीर सैनिकों एवं शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जब देश का जांबाज सिपाही सीमाओं पर दिन-रात देश की रक्षा करता है,तभी देशवासी सुरक्षित वातावरण में खुली हवा में सांस ले पाते हैं। उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य कर देशसेवा कर सकता है। विधायक ने कहा कि 1971 के युद्ध में पौड़ी जनपद के 33 वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी,जिनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति,सेवा-भाव और अनुशासन को अपने जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस,शौर्य और रणनीतिक कौशल का प्रतीक है,जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि यह विजय केवल सैन्य जीत नहीं,बल्कि मानवता,न्याय और आत्मसम्मान की भी जीत थी। उन्होंने समस्त जनपदवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। 1971 के युद्ध में सम्मिलित रहे एवं प्रत्यक्षदर्शी सेवानिवृत्त कैप्टन सत्य प्रकाश धस्माणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह युद्ध भारतीय सेना के साहस,अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों का आत्मसमर्पण भारतीय सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व और विश्व में अद्वितीय घटना है। उन्होंने युवाओं से सुयोग्य नागरिक,सक्षम अधिकारी और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनकर देशसेवा करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्रा ऐश्वर्या नौटियाल (प्रथम),राजकीय इंटर कॉलेज मैसमौर की छात्रा आंचल (द्वितीय) तथा डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्रा मरियम (तृतीय) को सम्मानित किया गया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज पैडुल की प्राची (प्रथम),राजकीय इंटर कॉलेज क्यार्क के लोकेन्द्र शाह (द्वितीय) तथा पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्रा कविता (तृतीय) को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल,सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी सत्यपाल सिंह रावत,सेवानिवृत्त नायब सुबेदार श्रीचंद सिंह रावत,सेवानिवृत्त हवलदार बीरेन्द्र सिंह,सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन मातबर सिंह नेगी,सेवानिवृत्त सुबेदार भाकचंद सिंह रावत,शहीद सैनिकों की वीरांगनाएं सुशीला देवी,विमला देवी,लीला देवी सहित अन्य सेवानिवृत्त सैनिक,स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।

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