एसएसबी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश-पौड़ी पुलिस की बड़ी कामयाबी से 5000 के इनामी फरार अभियुक्त को मुरैना से दबोचा

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की भर्ती परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दिलाने के संगठित फर्जीवाड़े का पौड़ी पुलिस ने खुलासा करते

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की भर्ती परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दिलाने के संगठित फर्जीवाड़े का पौड़ी पुलिस ने खुलासा करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे और जिस पर 5000 रुपये का इनाम घोषित था,उस शातिर अभियुक्त राहुल को पौड़ी पुलिस ने मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अम्बाह क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में इससे पूर्व दो अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 22 अप्रैल 2024 को केन्द्रीयकृत प्रशिक्षण केन्द्र एसएसबी श्रीनगर गढ़वाल के कमांडेंट आशीष कुमार द्वारा कोतवाली श्रीनगर में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि रामबृज पुत्र रामसेवक, निवासी ग्राम बीच का पुरा तहसील व थाना अम्बाह जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) ने एसएसबी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में फर्जी दस्तावेज,नकली फोटो,थम्ब इम्प्रेशन आदि का इस्तेमाल कर स्वयं को फर्जी अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत किया और धोखाधड़ी की। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त रामबृज अपने छोटे भाई विकास और सहयोगी राहुल के साथ मिलकर यह संगठित अपराध करता था। ये तीनों मिलकर मूल प्रमाण पत्रों के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में शामिल होते थे। एसएसबी श्रीनगर में आयोजित कांस्टेबल वाटर कैरियर स्किल एंड ट्रेड टेस्ट की भर्ती प्रक्रिया में भी इसी तरीके से धोखाधड़ी की गई। पुलिस द्वारा गठित टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त रामबृज तथा उसके भाई विकास को क्रमशः 22 अप्रैल 2024 एवं 24 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि इस गिरोह का तीसरा सदस्य राहुल जिस पर थाना अम्बाह मुरैना में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं,लगातार फरार चल रहा था। शातिर किस्म का अभियुक्त होने के कारण वह बार-बार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। लगातार फरारी और अपराध की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा अभियुक्त राहुल की गिरफ्तारी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर जयपाल सिंह नेगी तथा उप निरीक्षक विजय सैलानी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट एवं कुर्की वारंट भी निर्गत कराए गए। अथक प्रयासों के बाद आखिरकार पौड़ी पुलिस ने अभियुक्त राहुल को अम्बाह जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही हेतु संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पौड़ी पुलिस की इस कार्रवाई को भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त और सराहनीय कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संगठित फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

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