
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। गरीब,श्रमिक,छात्र और जरूरतमंद वर्ग को सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इन्दिरा अम्मा भोजनालय योजना आज भी आमजन को राहत दे रही है,लेकिन बदलते आर्थिक हालात और बढ़ती महंगाई के बीच इस जनकल्याणकारी योजना का संचालन अब कई जिलों में घाटे का सौदा बनता जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल में मात्र 40 रुपये की थाली में मिलने वाला भोजन जहां उपभोक्ताओं के लिए संजीवनी साबित हो रहा है,वहीं इसे संचालित करने वाले संस्थानों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत द्वारा गरीब जनता तक सस्ता भोजन पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी। 19 नवंबर,इंदिरा गांधी की जयंती से प्रारंभ हुई इस योजना को कई वर्ष बीत चुके हैं। उस समय इसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक दूरदर्शी पहल के रूप में देखा गया था,लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में महंगाई,सामग्री लागत और मानव संसाधन के बढ़ते खर्च ने योजना की राह को कठिन बना दिया है। भोजनालय के संचालकों का कहना है कि रविवार को भोजनालय बंद रहने और सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सीमित समय में संचालन होने के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है। भोजन की कीमत कम होने के बावजूद खर्च की भरपाई नहीं हो पा रही है। संचालकों के अनुसार प्रतिदिन मिलने वाली कुल आमदनी से कहीं अधिक खर्च रसोई,कर्मचारियों और सामग्री पर हो रहा है,जिससे उन्हें लगातार घाटा उठाना पड़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही,तो भविष्य में इस योजना पर संकट गहराना तय माना जा रहा है। हालांकि इन्दिरा अम्मा भोजनालय की सस्ती थाली से स्थानीय होटल व्यवसाय पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। पौड़ी के कई होटल कारोबारियों का कहना है कि भोजनालय का समय और सीमित मेनू होने के कारण उनकी बिक्री पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है,लेकिन आमजन के लिए यह योजना आज भी उपयोगी बनी हुई है। बुधवार को पौड़ी स्थित इन्दिरा अम्मा भोजनालय पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बीरेंद्र सिंह नेगी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष सूरज घिल्डियाल,सुधांशु नौडियाल,लाल सिंह नेगी,रघु लाल,डॉ.प्रताप भण्डारी,राकेश बिष्ट सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने इसे कांग्रेस सरकार की एक जनकल्याणकारी और गरीब हितैषी योजना बताया। नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कांग्रेस कार्यकाल में लागू की गई योजनाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि इन्दिरा अम्मा भोजनालय योजना को और अधिक प्रभावी व टिकाऊ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,ताकि सस्ती थाली का लाभ जनता को मिलता रहे और संचालकों को घाटे से उबरने का अवसर मिल सके। कुल मिलाकर 40 रुपये की थाली आज भी जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम है,लेकिन यदि समय रहते इसके संचालन और आर्थिक मॉडल पर ध्यान नहीं दिया गया,तो यह महत्वाकांक्षी योजना केवल कागजों तक सिमट कर रह जाने का खतरा भी रखती है।