
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं विकास समिति सकुल चमराड़ा के द्वितीय एवं तृतीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नोडल अधिकारी विक्रम सिंह नेगी के संयोजन में तथा प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज खण्डाह के कुशल दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा समन्वयक संजय नौडियाल ने संदर्भदाता की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। समापन अवसर पर गढ़वाल मंडलीय नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ.अखिलेश चंद्र चमोला ने नशा उन्मूलन विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में डॉ.चमोला ने कहा कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक समस्या है,जो समाज को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर रही है। यह केवल एक आदत नहीं,बल्कि एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति को शारीरिक,मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह कमजोर बना देती है। नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति न केवल स्वयं के लिए,बल्कि अपने परिवार,समाज और देश के लिए भी बोझ बन जाता है। मंडलीय नोडल अधिकारी ने नशे के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आर्थिक समस्याएं व्यक्ति को तनाव में डालकर नशे की ओर धकेल सकती हैं। सामाजिक दबाव और गलत संगत नशे की लत का बड़ा कारण बनती है। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति अज्ञानता भी इसकी जड़ है। पारिवारिक समस्याएं और भावनात्मक असंतुलन भी व्यक्ति को नशे की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन करने से मानव शरीर धीरे-धीरे खोखला हो जाता है,समाज में व्यक्ति की प्रतिष्ठा समाप्त हो जाती है और उसका जीवन अंधकारमय हो जाता है। डॉ.चमोला ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि शारीरिक नुकसान लिवर,हृदय एवं अन्य गंभीर बीमारियां,मानसिक नुकसान अवसाद,चिंता,चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास की कमी,सामाजिक नुकसान परिवार से दूरी,सामाजिक बहिष्कार और प्रतिष्ठा का पतन,नशा उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक। नशा उन्मूलन के उपायों पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना होगा। शिक्षा के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सही दिशा देनी होगी। परिवार का सहयोग नशा छोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सामाजिक समर्थन से ही नशामुक्त समाज की कल्पना साकार हो सकती है। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि परिवार,विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राजकीय इंटर कॉलेज खण्डाह के प्रधानाचार्य विक्रम सिंह नेगी ने गढ़वाल मंडलीय नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ.अखिलेश चंद्र चमोला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डॉ.चमोला अत्यंत सरल और सहज भाषा में आम जनमानस को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी यह मुहिम समाज में आमूलचूल परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंडीगांव,सुमाड़ी,खण्डाह,ढामकेश्वर,कमेड़ा एवं चमराडा सहित अन्य विद्यालयों की प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और अपने-अपने क्षेत्रों में समाज को सही दिशा देने का संकल्प लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सराहा गया।