
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। नववर्ष के पावन अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मां धारी देवी श्रीनगर,ज्वाल्पा देवी,बुंखाल कालिंका,मां गोरा,राजराजेश्वरी मंदिर देवलगढ़ सहित अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा,सुविधा एवं शांतिपूर्ण दर्शन व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पौड़ी पुलिस द्वारा विशेष एवं सुदृढ़ सुरक्षा तथा यातायात प्रबंध किए गए। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मंदिर परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रवेश एवं निकास मार्गों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है,वहीं भीड़ नियंत्रण हेतु प्रभावी इंतजाम किए गए हैं,ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो। मंदिर परिसरों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। सीसीटीवी निगरानी,सतत पेट्रोलिंग एवं यातायात नियंत्रण के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से संकरे मार्गों,पार्किंग स्थलों एवं मुख्य संपर्क मार्गों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर यातायात को सुचारू रखा जा रहा है,जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस टीमें पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। चिकित्सा सहायता,आपदा प्रबंधन एवं त्वरित प्रतिक्रिया दलों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। पुलिस अधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने कहा कि नववर्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा पौड़ी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रमुख मंदिर परिसरों एवं संपर्क मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें,धैर्य बनाए रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें,ताकि सभी लोग सुरक्षित,शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में दर्शन कर नववर्ष का शुभारंभ कर सकें। नववर्ष के अवसर पर पुलिस की मुस्तैदी और सुव्यवस्थित व्यवस्था से श्रद्धालुओं में संतोष एवं सुरक्षा का भाव दिखाई दे रहा है,जिससे आस्था के इस पर्व पर शांति,श्रद्धा और व्यवस्था का सुंदर संगम साकार होता नजर आ रहा है।