
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक बड़ी और दूरगामी पहल की गई है। समाज कल्याण विभाग तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के बीच इस आशय का एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ है। इस एमओयू के तहत डॉ.अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) के माध्यम से विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षाओं की निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह दुबड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुख्यधारा की प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय एवं ग्रामीण अंचलों के ऐसे छात्र,जिनके पास संसाधनों का अभाव रहता है,अब विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज कल्याण विभाग की भूमिका केवल छात्रवृत्ति प्रदान करने तक सीमित नहीं है,बल्कि योग्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाने के लिए आवश्यक संसाधन,मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध कराना भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। डीएसीई के माध्यम से संचालित यह कोचिंग कार्यक्रम विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा की रणनीति,विषयगत तैयारी,उत्तर लेखन और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में दक्ष बनाएगा। कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के अनुभवी एवं विषय विशेषज्ञ प्राध्यापकों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी,जिससे विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय अकादमिक सहयोग प्राप्त होगा। यह पहल न केवल छात्रों के भविष्य को नई दिशा देगी,बल्कि सामाजिक समावेशन और शैक्षणिक समानता की दिशा में भी एक सशक्त कदम सिद्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह,कुलसचिव डॉ.राकेश डोढ़ी,प्रो.एम.एम.सेमवाल,प्रो.मोहन सिंह पंवार सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ प्राध्यापक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को समाज के वंचित वर्ग के लिए आशा की नई किरण बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया।