
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। कीर्तिनगर विकासखंड के हिंसरियाखाल क्षेत्र के अंतर्गत पाटाखाल-मयाली में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा,भक्ति और संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा श्रवण के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति रस में सराबोर हुए। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य दीपक नौटियाल ने ध्रुव चरित्र का अत्यंत मार्मिक और प्रेरक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को जीवन में अटल लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। आचार्य दीपक नौटियाल ने कहा कि ध्रुव जैसा बालक जब अपमान और पीड़ा के बावजूद अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुआ,तो ईश्वर स्वयं उसके समक्ष प्रकट हुए। ध्रुव कथा केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं,बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में स्पष्ट ध्येय तय कर ले और श्रद्धा,धैर्य तथा तप के साथ उस पर अडिग बना रहे,तो सफलता और भगवत कृपा अवश्य प्राप्त होती है। कथा व्यास ने ध्रुव की कठोर तपस्या,अटूट संकल्प और भगवत प्राप्ति के प्रसंग को विस्तार से समझाते हुए कहा कि आज के भौतिक युग में भी ध्रुव प्रतिज्ञा का संदेश उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे जीवन में एक लक्ष्य बनाएं,सदमार्ग पर चलें और ईश्वर भक्ति के साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें। कथा के दौरान वातावरण नारायण-नारायण और हरे कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। भजनों और कथा प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया,बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का कार्य किया। इस अवसर पर वाणी विलास उनियाल,महावीर प्रसाद,गजेंद्र प्रसाद,सुरेश उनियाल,सत्यप्रसाद बंगवाल,बद्री प्रसाद भट्ट,राजेन्द्र खंडूड़ी,मोहनलाल,रमेश प्रसाद कुकशाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रीमद भागवत कथा का यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रहा है।