
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार की चुप्पी,कथित संरक्षण और कार्रवाई में ढिलाई के खिलाफ शनिवार को श्रीनगर की सड़कों पर जनाक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चुंगी से गोला बाजार तक निकली विशाल रैली और उसके बाद ऐतिहासिक गोला बाजार में आयोजित जनसभा ने साफ संकेत दे दिया कि जनता अब आश्वासन नहीं,बल्कि सीधा,निष्पक्ष और कठोर न्याय चाहती है। हजारों की संख्या में उमड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं,महिलाओं,युवाओं और आम नागरिकों ने अंकिता को न्याय दो,दोषियों को फांसी दो,वीआईपी को बचाना बंद करो जैसे नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। रैली के बाद गोला बाजार में हुई जनसभा सरकार के लिए कड़ा राजनीतिक और नैतिक संदेश बनकर सामने आई। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड अब केवल एक अपराध नहीं रहा,बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रहे अपराधों का जीवंत उदाहरण बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए-नए खुलासों और नाम सामने आने के बावजूद सरकार जानबूझकर तथाकथित वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है और जांच को कमजोर किया जा रहा है। गणेश गोदियाल ने कहा कि पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम उजागर किए जाने के बाद भी सरकार कार्रवाई से पीछे हट रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार पाक-साफ है,तो वह सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक देश की शीर्ष अदालत या उत्तराखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होती,तब तक न्याय की उम्मीद अधूरी रहेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों को शीघ्र सख्त सजा नहीं दी गई और वीआईपी की भूमिका सार्वजनिक नहीं की गई,तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब केवल अंकिता भंडारी की नहीं,बल्कि प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा,सम्मान और न्याय की लड़ाई बन चुकी है। जनसभा को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुन्दर लाल मुयाल,जिला कांग्रेस अध्यक्ष पौड़ी विनोद नेगी,युवा नेता प्रताप भंडारी,नगर कांग्रेस अध्यक्ष सूरज घिल्डियाल,पूर्व नगर निगम प्रत्याशी मीना रावत सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार पर निष्क्रियता,असंवेदनशीलता और वीआईपी संरक्षण के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ता की चुप्पी स्वयं उसकी भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता राजेश चमोली,जिला पंचायत सदस्य भानु बिष्ट,वरिष्ठ कांग्रेसी वीरेन्द्र सिंह नेगी,जिला महामंत्री सुधांशु नौडियाल,मीडिया प्रभारी लाल सिंह नेगी,कांग्रेस सेवादल के संजय कुमार फौजी,खिर्सू ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुकम सिंह रावत,नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजू भट्ट,अल्पसंख्यक मोर्चा शहर अध्यक्ष समीम अहमद,पूर्व सभासद भरत सिंह डागर,प्रधान खोला अभिषेक घिल्डियाल सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा पार्षद कु.रश्मि,राजकुमार,कुसुम लता देवी,सूरज नेगी,विकास चौहान,अनुराग चौहान,रेखा लिंगवाल,युवा नेता पुष्पेंद्र पंवार,जगदीश भट्ट,शिवकांत कंडारी,गम्मा सिंह,श्याम लाल आर्य सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और आम नागरिकों ने जनसभा में सहभागिता की। जनसभा के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि सरकार ने अब भी आंखें मूंदे रखीं,तो जनता सड़कों से सदन तक जवाब मांगेगी। पहाड़ की बेटी का हत्यारा कौन,इस सवाल का जवाब और दोषी चाहे कोई भी हो,उसे सजा दिलाकर ही जनता चैन से बैठेगी। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।