
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिले में प्रशासनिक कार्यों को तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़,पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत जिला सभागार में यूकेजीएएमएस पोर्टल पर बहुभुज (पॉलीगन) निर्माण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने की। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यूकेजीएएमएस पोर्टल के माध्यम से भौगोलिक आंकड़ों के सही एवं प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं एवं कार्यों के क्रियान्वयन में तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्यों को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाना रहा। कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा,ई-जिला प्रबंधक सचिन भट्ट,स्वान प्रभारी राजेश कोहली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईसी) प्रकोष्ठ अधिकारी किरण लमगढ़िया द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा ने यूकेजीएएमएस अनुप्रयोग (एप) के सुचारु एवं सरल उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की तथा प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल प्रशासनिक योजनाओं की निगरानी एवं विश्लेषण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। वहीं भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रकोष्ठ अधिकारी किरण लमगढ़िया ने अनुप्रयोग के माध्यम से बहुभुज निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया,जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक स्तर पर स्पष्टता प्राप्त हो सकी। ई-जिला प्रबंधक सचिन भट्ट ने पोर्टल आधारित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के प्रभावी उपाय बताए,जबकि स्वान प्रभारी राजेश कोहली ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की टीम के साथ मिलकर तकनीकी सहयोग प्रदान किया। अध्यक्षीय संबोधन में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कहा कि आधुनिक प्रशासन में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यूकेजीएएमएस जैसे डिजिटल मंचों के प्रभावी उपयोग से न केवल योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी,बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता और गति में भी सुधार आएगा। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक कार्यों में तकनीकी समझ बढ़ेगी और विभागीय कार्यों का निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यह प्रशिक्षण कार्यशाला डिजिटल उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सार्थक और प्रशंसनीय प्रयास के रूप में देखी जा रही है।