
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
नई दिल्ली/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और दूरगामी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि गैरसैंण में केन्द्रीय विद्यालय शीघ्र खोला जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर केंद्रीय स्तर पर सहमति मिल चुकी है,जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। पश्चिम बंगाल के दौरे से लौटते समय डॉ.धन सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी उनके साथ उपस्थित रहे। बैठक के दौरान गैरसैंण में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। डॉ.रावत एवं सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार गैरसैंण में प्रशासनिक गतिविधियों का निरंतर विस्तार कर रही है तथा आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं,जिन्हें गुणवत्तापूर्ण और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। डॉ.रावत ने कहा कि केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से न केवल गैरसैंण को शैक्षणिक पहचान मिलेगी,बल्कि स्थानीय बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे शिक्षा के लिए होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने गैरसैंण में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल बताया। बैठक के दौरान डॉ.धन सिंह रावत ने राज्य की समग्र शैक्षणिक व्यवस्था पर भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई राज्य पाठ्यचर्या,सकल नामांकन अनुपात (GER) में सुधार,पीजीआई रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों,पीएमश्री विद्यालयों की प्रगति तथा विद्या समीक्षा केंद्र के संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। इसके अतिरिक्त डॉ.रावत ने एनआईटी श्रीनगर में स्थायी निदेशक की नियुक्ति एवं निर्माण कार्यों से जुड़े अहम विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने का आमंत्रण दिया,जिसे केंद्रीय मंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। गैरसैंण में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना का निर्णय उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा,विकास और पलायन रोकने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।