
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनाक्रोश एक बार फिर सड़कों पर उतरने को तैयार है। बहुचर्चित और हृदयविदारक इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग को लेकर श्रीकोट व्यापार सभा ने 11 जनवरी को पूर्ण बाजार बंद रखने की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता,तब तक समाज की अंतरात्मा शांत नहीं हो सकती। श्रीकोट व्यापार सभा के अध्यक्ष नरेश नौटियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला केवल एक बेटी की हत्या तक सीमित नहीं है,बल्कि यह समाज,व्यवस्था और कानून की जवाबदेही से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीबीआई से जांच कराए बिना इस प्रकरण में सच्चाई सामने आना संभव नहीं है। सभी आरोपियों को शीघ्र और कठोर सजा मिले,तभी बेटी अंकिता की आत्मा को सच्ची शांति मिल सकेगी। व्यापार सभा के महासचिव त्रिभुवन सिंह राणा ने कहा कि जनता की भावनाओं और जनआक्रोश को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि आमजन के मन में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं और मौजूदा जांच प्रक्रिया पर विश्वास का संकट बना हुआ है। इसी कारण सीबीआई जांच की मांग को लेकर शांतिपूर्ण बाजार बंद का आह्वान किया गया है,ताकि शासन-प्रशासन तक जनता की आवाज मजबूती से पहुंचे। इस संबंध में आयोजित बैठक में व्यापार सभा के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने एक स्वर में निर्णय लेते हुए कहा कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि न्याय,सत्य और बेटी की अस्मिता की रक्षा के लिए किया जा रहा है। व्यापारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस बंद को सफल बनाकर अंकिता को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में अपना नैतिक समर्थन दें। बैठक में श्रीकोट व्यापार सभा अध्यक्ष नरेश नौटियाल,सचिव त्रिभुवन सिंह राणा,सहसचिव संतोष बुटोला सहित चन्द्र भूषण सेमवाल,प्रदीप रावत,कैलाश चंद्र,अर्जुन सिंह,आशुतोष शंकर,महेंद्र सिंह,विनोद लिंगवाल समेत बड़ी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहे। सभी ने एकमत से कहा कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती,तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। व्यापार सभा ने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस गंभीर मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे। 11 जनवरी को प्रस्तावित बाजार बंद को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है और इसे लेकर व्यापारियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में भी समर्थन देखा जा रहा है।