
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। स्थानीय सहकारिता,गुणवत्ता एवं आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज दिनांक 13 जनवरी 2026 को केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) श्रीनगर गढ़वाल एवं स्थानीय सहकारी ब्रांड आंचल के मध्य तरल एवं दुग्ध उत्पादों की नियमित,गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वाइब्रेंट योजना के अंतर्गत सहमति पत्र पर विधिवत हस्ताक्षर किए गए। यह महत्वपूर्ण समझौता उप-महानिरीक्षक सुभाष चन्द नेगी की गरिमामयी उपस्थिति एवं कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस पहल को स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। इस सहमति का मुख्य उद्देश्य एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षणरत जवानों को शुद्ध,पौष्टिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध व तरल उत्पादों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही इस पहल के माध्यम से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों एवं सहकारी संस्थाओं को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते से न केवल प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकताओं की सुचारु पूर्ति होगी,बल्कि इससे स्थानीय दुग्ध उत्पादन,संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। परिणामस्वरूप क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा और सहकारिता आंदोलन को नया आयाम मिलेगा। वाइब्रेंट योजना के अंतर्गत किया गया यह समझौता स्थानीय उत्पाद-राष्ट्रीय सशक्तिकरण की अवधारणा को साकार करता है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान की सोच को धरातल पर उतारने का एक व्यावहारिक एवं प्रभावी उदाहरण है,जिसमें स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर राष्ट्रीय संस्थानों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा बलों एवं स्थानीय सहकारी संस्थाओं के बीच ऐसा समन्वय न केवल अनुकरणीय है,बल्कि यह सामाजिक,आर्थिक एवं ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश भी देता है। भविष्य में इस प्रकार के और प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।