देवभूमि की सांस्कृतिक नगरी श्रीक्षेत्र में सरस्वती विद्या मंदिर में सरस्वती पूजन के साथ वसंत ऋतु का हुआ भव्य स्वागत

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी श्रीक्षेत्र श्रीनगर में वसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। ज्ञान,विद्या और संगीत की

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी श्रीक्षेत्र श्रीनगर में वसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। ज्ञान,विद्या और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के इस शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना कर वसंत पंचमी पर्व को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया। सम्पूर्ण विद्यालय परिसर वैदिक मंत्रोच्चार,भक्ति-भाव और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत दिखाई दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र मैठाणी ने की। इस अवसर पर मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य,विद्या-बुद्धि,सद्बुद्धि एवं श्रेष्ठ संस्कारों की कामना की गई। विद्यालय प्रबंधन,शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती का स्मरण करते हुए शिक्षा के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकगण के साथ-साथ समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें भक्ति राम नैथानी,राजेंद्र पुरोहित,सुरेश पोखरियाल,ताजबर बिष्ट,भास्करानंद अणथ्वाल,विजया उनियाल,अंजना डोभाल,हरिप्रसाद पुरी सहित अन्य सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय की छात्र-छात्राओं साक्षी,पूनम,मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम में विशेष रूप से भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रमिला भण्डारी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक एवं राजनीतिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया। इसके अतिरिक्त नगर निगम श्रीनगर की पार्षद अंजना रावत,पार्षद प्रदीप राणा,व्यापारी पवन बंसल तथा आशा फरासी की उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक गरिमा प्रदान की वसंत पंचमी के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पीले वस्त्र धारण कर पूरे परिसर को वसंतमय एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया। बच्चों में उत्साह,अनुशासन और संस्कारों की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। पूजा-अर्चना के दौरान विद्यार्थियों को वसंत पंचमी के धार्मिक,सांस्कृतिक एवं शैक्षिक महत्व की जानकारी भी दी गई। वसंत पंचमी को ऋतु परिवर्तन और ज्ञान आराधना का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था,इसलिए यह पर्व विद्या,बुद्धि,कला और संगीत की देवी की उपासना के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखता है और शिक्षा की नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र मैठाणी ने सभी अतिथियों,शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में संस्कार,अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है। समूचे आयोजन ने देवभूमि की सांस्कृतिक परंपरा,शिक्षा-संस्कार और सामाजिक समरसता का सजीव उदाहरण प्रस्तुत किया।

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