विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक फैसले-स्थानीय परंपरा से जुडे़गा दीक्षांत,459 करोड़ की विकास परियोजनाओं को हरी झंडी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता,पारदर्शिता और स्थानीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती देने की दिशा में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की 32 वीं सामान्य बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता,पारदर्शिता और स्थानीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती देने की दिशा में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की 32 वीं सामान्य बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय अकादमिक क्रियाकलाप केंद्र चौरास परिसर में कुलपति श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में शैक्षणिक,प्रशासनिक एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान कुलपति द्वारा परिषद सदस्यों के समक्ष अगस्त 2025 के बाद विश्वविद्यालय में संपन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया तथा कार्यसूची के प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा की गई। सर्वप्रथम परिषद ने 18 अगस्त 2025 को आयोजित 31वीं कार्य परिषद बैठक के कार्यवृत्त की औपचारिक पुष्टि की। इसके उपरांत परिषद ने 11 नवंबर 2025 को संपन्न विद्या परिषद की 24 वीं बैठक में पारित निर्णयों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर उनकी भी संपुष्टि प्रदान की। छात्रों की मांग एवं विशेष परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए परिषद ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र हेतु स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में CUET से छूट दिए जाने संबंधी निर्णय का अनुमोदन किया,जिसे छात्रों के हित में बड़ा निर्णय माना जा रहा है। कार्य परिषद द्वारा दीक्षांत समारोह के ड्रेस कोड में लंबे समय से चली आ रही औपनिवेशिक वेशभूषा के स्थान पर स्थानीय पर्वतीय परंपरा अनुरूप नवीन ड्रेस कोड अपनाने के प्रस्ताव की सराहना करते हुए उसे स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिषद ने कुलपति के पदभार ग्रहण करने के बाद अल्प समयावधि में ही यूजीसी अधिनियम के अनुरूप 74 प्राध्यापकों की प्रोन्नति प्रक्रिया पूर्ण किए जाने की सराहना करते हुए उक्त प्रोन्नतियों की औपचारिक संपुष्टि प्रदान की। साथ ही यूजीसी नियमों के अनुरूप प्राध्यापकों की वरिष्ठता निर्धारण सूचियों को भी अनुमोदन दिया गया। नियुक्ति एवं प्रशासनिक निर्णय नवीन नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत चयन समिति द्वारा कुलसचिव पद पर उपयुक्त अभ्यर्थी न पाए जाने की जानकारी परिषद को दी गई,जबकि वित्त अधिकारी पद पर ए.के.मोहंती के चयन को परिषद ने स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त शिक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति से पूर्व दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण निर्धारण हेतु गठित समिति की अनुशंसाओं को भी अनुमोदित किया गया। परिषद द्वारा मुख्य नियंता पद का दायित्व प्रो.दीपक कुमार,अंग्रेजी विभाग को सौंपे जाने के निर्णय की भी संपुष्टि की गई। साथ ही शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार कुलाधिपति चयन प्रक्रिया हेतु पैनल प्रेषण के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया। 459 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं को मंजूरी,बैठक में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय के अंतर्गत परिषद ने केंद्र सरकार की हेफा वित्त पोषण योजना के तहत विश्वविद्यालय के सभी परिसरों में नवीन एवं आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण एवं विकास हेतु विश्वविद्यालय भवन समिति द्वारा अनुशंसित 22 परियोजनाओं को मंत्रालय को प्रेषित करने की मंजूरी प्रदान की। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 45,909.49 लाख रुपए (लगभग 459 करोड़ रुपये है,जिससे विश्वविद्यालय के भौतिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में विजिटर नामित सदस्य प्रो.शिवानी शर्मा एवं प्रो.मनु प्रताप सिंह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे,जबकि प्रो.रमा शंकर दुबे एवं प्रो.मनु कटारिया ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। इसके अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय के अनुसचिव प्रवीर सक्सेना तथा यूजीसी अध्यक्ष नामित सदस्य डॉ.उमेश कदम ने भी ऑनलाइन प्रतिभाग किया। बैठक में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष,आचार्य,उपाचार्य,सहायक आचार्य,कुलसचिव सहित विभिन्न आंतरिक सदस्य एवं बैठक प्रकोष्ठ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में परिषद के समक्ष प्रस्तुत आंतरिक समितियों की आख्या एवं शासन के पत्राचारों पर नियमानुसार की गई कार्यवाहियों का भी अनुमोदन किया गया।

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