खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई,चालान के साथ फोटो वीडियो होंगे सार्वजनिक
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम ने शहर को स्वच्छ,सुंदर और कूड़ा-मुक्त बनाने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पुराने एवं बड़े कूड़ा दानों को हटाया जा चुका है,ताकि खुले में कूड़ा जमा होने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। नगर निगम द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब दिन में दो बार-सुबह और शाम-कूड़ा गाड़ी शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंच रही है। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को और मजबूत किया गया है,जिसके तहत निगम के पर्यावरण मित्र नियमित रूप से घर-घर जाकर कूड़ा संग्रह कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हटाए गए कूड़ा दानों की पुरानी जगहों पर ही कूड़ा फेंकने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं,जिससे न केवल गंदगी फैल रही है बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। अब नहीं मिलेगी कोई राहत
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम श्रीनगर मेयर आरती भण्डारी एवं सफाई निरीक्षक शशि पंवार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अब ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। खुले में या प्रतिबंधित स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के तुरंत चालान किए जाएंगे,चालान सीधे उनके घर भेजे जाएंगे और नियम तोड़ने वालों की फोटो एवं वीडियो सार्वजनिक की जाएगी। नगर निगम मेयर आरती भण्डारी ने कहा नगर निगम ने शहरवासियों को बेहतर और सुचारु सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ श्रीनगर का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। शशि पंवार ने कहा नगर निगम की कूड़ा गाड़ियां और पर्यावरण मित्र नियमित रूप से कूड़ा उठा रहे हैं। अब कूड़ा फेंकने को लेकर कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर चालान के साथ-साथ फोटो-वीडियो सार्वजनिक किए जाएंगे। नागरिकों से सहयोग की अपील नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही कूड़ा दें,खुले में कूड़ा न फेंकें और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करें,ताकि श्रीनगर को स्वच्छ,सुंदर और स्वस्थ शहर के रूप में विकसित किया जा सके।