
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।
कोटद्वार में 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल का समापन रविवार को भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण रहीं। कार्यक्रम ने जन सहयोग और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रकृति संरक्षण,जैव विविधता संवर्धन एवं ईको-टूरिज्म को नई दिशा दी। समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्षा ने मैराथन,पेंटिंग,क्विज एवं निबंध प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज लालपानी की छात्राओं ने गढ़वाली लोकभाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक रंग भर दिया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्षा ने वरिष्ठ फोटो पत्रकार एवं प्रसिद्ध बर्डर राजू पुशोला को उनके द्वारा खींची गई दुर्लभ पक्षी तस्वीरों से तैयार कैलेंडर के विमोचन के साथ सम्मानित किया। साथ ही वरिष्ठ बर्डर अजय खंतवाल एवं राजीव बिष्ट सहित सभी बर्ड वॉचर्स को स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनंदन किया गया। स्टॉलों में दिखी स्थानीय कला,आजीविका और जैव विविधता की झलक जिलाधिकारी ने फेस्टिवल परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया,जिनमें भारतीय वन्यजीव संस्थान,हमारा पिरुल हमारी पहचान,फाइन आर्ट गैलरी सहित अन्य स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। हस्तशिल्प और क्राफ्ट से निर्मित घरेलू उत्पादों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्थानीय कारीगरों को आजीविका प्रदान करते हैं,बल्कि पारंपरिक कला और संस्कृति को भी संरक्षित करते हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान के स्टॉल पर प्रदर्शित पक्षियों की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होंने दूरबीन के माध्यम से पक्षियों का अवलोकन कर प्रकृति से जुड़ाव का संदेश भी दिया। अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खण्डूरी भूषण ने कहा कि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति और प्रकृति से जुड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बच्चों को कम उम्र से ही प्रकृति,पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। विकास के साथ-साथ जंगलों और जैव विविधता का संरक्षण ही सतत विकास का मार्ग है। मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कोटद्वार को स्थायी बर्ड वॉचिंग डेस्टिनेशन बनाने का लक्ष्य जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,विधानसभा अध्यक्षा,सभी बर्ड वॉचर्स,स्वयंसेवकों,अधिकारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फेस्टिवल से बना सकारात्मक मोमेंटम बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे,जिससे कोटद्वार को एक स्थायी बर्ड वॉचिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सके। फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन दौड़,क्विज,पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिताओं के विभिन्न वर्गों में विजेताओं को सम्मानित किया गया,जिससे बच्चों और युवाओं में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता और उत्साह देखने को मिला। प्रकृति पर्यटन के मानचित्र पर उभरता कोटद्वार प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े ने सभी सहयोगी विभागों,बर्ड वॉचर्स,प्रतिभागियों एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन से कोटद्वार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन प्रकृति संरक्षण और ईको-टूरिज्म को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल में बड़ी संख्या में विद्यार्थी,युवा,महिलाएं,बर्ड वॉचर्स एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की। यह आयोजन कोटद्वार को प्रकृति पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में पार्षद संजय भंडारी,उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,जिला सुचना अधिकारी योगेश पोखरियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि,अधिकारी,कर्मचारी,बर्ड वॉचर्स एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।