
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। डिजिटल युग में जहाँ तकनीक बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रही है,वहीं साइबर अपराध,ऑनलाइन ठगी और बाल शोषण जैसी चुनौतियां समाज के सामने गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ऐसे समय में बच्चों को उनके अधिकारों,कानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य को लेकर देवभूमि पब्लिक स्कूल नकोट श्रीनगर में बाल संरक्षण एवं साइबर सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में किया गया,जिसमें विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम,किशोर न्याय अधिनियम,साइबर अपराधों से बचाव तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध के विरुद्ध निडर होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में महिला थाना की पुलिस इंस्पेक्टर प्रियंका भारद्वाज ने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के साथ होने वाले अपराधों,उनके कानूनी अधिकारों तथा पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता एवं संरक्षण प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी असहज या आपत्तिजनक स्थिति में चुप न रहें और बिना भय के अपनी बात अभिभावकों,शिक्षकों अथवा पुलिस से साझा करें। थाना श्रीनगर से इंस्पेक्टर विमल कुमार ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग,ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, फर्जी लिंक और कॉल से सतर्क रहने के उपाय बताए। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1030 की उपयोगिता बताते हुए बच्चों को डिजिटल रूप से सजग रहने का संदेश दिया। बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट ने बाल कल्याण समिति की भूमिका,अधिकारों एवं दायित्वों के साथ-साथ संकटग्रस्त बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं पूजा नेगी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से बच्चों को मिलने वाली सहायता,इसकी कार्यप्रणाली और आपात परिस्थितियों में त्वरित मदद के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम में निखिल डेविड द्वारा पॉक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर जानकारी दी गई,जबकि प्रज्ञा नैथानी ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों,इसके सामाजिक एवं मानसिक प्रभावों तथा बाल विवाह की रोकथाम में चाइल्ड हेल्पलाइन की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवान सिंह ने सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को सुरक्षित,सशक्त और जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने,गलत के विरुद्ध आवाज उठाने तथा समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रज्ञा नैथानी,निखिल डेविड सहित चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी,ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।