
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सरकारी विद्यालयों की प्रतिभा और नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान देते हुए उत्तराखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौंरखाल ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। जनवरी 2026 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित एआई के सुरक्षित उपयोग विषयक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो महत्वपूर्ण श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्यालय के शिक्षक डॉ.अतुल बमराड़ा ने तकनीकी शोध पत्र लेखन श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश और जनपद का नाम रोशन किया,वहीं विद्यालय की छात्र-शिक्षक टीम ने नुक्कड़ नाटक (नाट्यकला) के माध्यम से एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग का सशक्त संदेश देकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। एआई की समझ,सुरक्षा और जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा शोध डॉ.अतुल बमराड़ा द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी उपयोग,संभावित जोखिमों,साइबर सुरक्षा,डिजिटल साक्षरता और नैतिक जिम्मेदारियों पर गहन विश्लेषण किया गया। शोध पत्र को निर्णायक मंडल ने इसकी वैज्ञानिक दृष्टि,सरल भाषा और व्यावहारिक सुझावों के लिए विशेष रूप से सराहा। यह शोध न केवल शिक्षकों,बल्कि छात्रों के लिए भी एआई के सुरक्षित उपयोग का मार्गदर्शक सिद्ध हुआ। विद्यालय की टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से डिजिटल धोखाधड़ी,साइबर अपराध,डेटा सुरक्षा और एआई के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे गंभीर विषयों को अत्यंत सरल,प्रभावशाली और जनमानस से जुड़ी शैली में प्रस्तुत किया। बच्चों की अभिनय क्षमता,संवाद अदायगी और विषय की स्पष्टता ने दर्शकों और निर्णायकों को गहराई से प्रभावित किया। इस राष्ट्रीय सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी विद्यालय भी संसाधनों की सीमाओं के बावजूद नवाचार,तकनीकी समझ और रचनात्मकता के क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। यह उपलब्धि न केवल राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौंरखाल के लिए,बल्कि पूरे जिले और राज्य के सरकारी शिक्षा तंत्र के लिए गर्व का विषय है। डिजिटल जागरूकता को मिलेगा नया आयाम प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित,नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। इस उपलब्धि से विद्यालय में डिजिटल साक्षरता,साइबर सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के प्रति छात्रों की रुचि और अधिक सशक्त होगी। विद्यालय की प्रधानाध्यापक नंदा रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने जिले और प्रदेश में सरकारी विद्यालयों की छवि को और मजबूत किया है तथा अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। डॉ.अतुल बमराड़ा एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौंरखाल की टीम को शीघ्र ही भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।