
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की पावन भूमि यमकेश्वर में आज शिक्षा,संस्कार और विकास का अनुपम संगम देखने को मिला। जहां एक ओर आधुनिक शिक्षा के लिए सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर का लोकार्पण हुआ,वहीं दूसरी ओर भावी पीढ़ी को संस्कार,संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी दिया गया। अवसर था राजकीय इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति रहे। 6 फरवरी 2026 को यमकेश्वर पहुंचे दोनों मुख्यमंत्रियों ने कार्यक्रम से पूर्व प्राचीन यमकेश्वर शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि,शांति और जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया द्वारा उनका स्वागत किया गया और नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन का अवलोकन कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम उद्देश्य नहीं है,बल्कि यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का साधन है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने वाले केंद्र न बनें,बल्कि वे ऐसे संस्कार केंद्र हों,जहां से समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाले नागरिक तैयार हों। उन्होंने पौराणिक गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की प्रभावी व्यवस्था थी,जहां ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन,आत्मबल और संस्कार भी सिखाए जाते थे। मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक ज्ञान,नवाचार और कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया है,और उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विद्यालय भवन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया है,उसी प्रकार शिक्षण की गुणवत्ता भी सर्वोच्च होनी चाहिए। शिक्षा को संस्कारों से जोड़ते हुए उन्होंने सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता के साथ राष्ट्र व प्रदेश हित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार से गांवों का कायाकल्प होगा और पलायन जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी अंकुश लगेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज देश में सुरक्षा,सुशासन और विकास के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह यमकेश्वर क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से अपने जीवन की प्रारंभिक यात्रा शुरू की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का जीवन सेवा,त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था,विकास और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं,बल्कि संस्कार,चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है। सनातन संस्कृति में शिक्षा को जीवन निर्माण का मूल माना गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं,बल्कि जिम्मेदार,जागरूक और संस्कारवान नागरिकों का निर्माण करना होना चाहिए। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नवनिर्मित भवन के लोकार्पण पर शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों और अभिभावकों से मिलकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण बनाने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 161 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और शिक्षकों की संख्या पूर्ण है। उन्होंने विद्यालय के प्रांतीयकरण हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने इसे क्षेत्र के लिए सौभाग्य का विषय बताते हुए इंटर कॉलेज के प्रांतीयकरण तथा विज्ञान विषय की कक्षाएं प्रारंभ कराने की मांग रखी। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 6 के नमन रावत,कक्षा 7 के हर्ष चौहान,कक्षा 8 की आरती चौहान,कक्षा 9 के सचिन बडोला,कक्षा 10 की कु.दीपाली,कक्षा 11 के अभिषेक बडोला एवं कक्षा 12 की कुं.पल्लवी शामिल रहे। बड़ी संख्या में गणमान्य रहे उपस्थित कार्यक्रम में सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत,कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,विधायक रेनू बिष्ट,भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल,जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार,अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल,जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह,प्रधानाचार्य मनमोहन सिंह रौतेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी,शिक्षक,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन न केवल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती देगा,बल्कि यमकेश्वर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण,संस्कारयुक्त और नवाचारी शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।