
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के भौतिकी एवं गणित विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय एवं सप्तम राष्ट्रीय सम्मेलन भौतिक विज्ञान में नवीन प्रगतियां (आईसीआरएपीएस–2026 का सफल आयोजन 6 से 8 फरवरी 2026 तक हाइब्रिड मोड (प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम) में किया गया। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों,शिक्षाविदों,शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह आयोजन वैज्ञानिक अनुसंधान,नवाचार एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग का एक सशक्त मंच बनकर उभरा। उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के व्याख्यान सम्मेलन का शुभारंभ 6 फरवरी 2026 को हुआ। उद्घाटन सत्र में अमेरिका,जर्मनी एवं यूनाइटेड किंगडम से आमंत्रित अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वानों द्वारा तीन विशेष व्याख्यान (प्लेनरी लेक्चर) प्रस्तुत किए गए,जिन्होंने सम्मेलन की अकादमिक दिशा को मजबूत आधार प्रदान किया। सम्मेलन के प्रथम दिवस भारतीय ज्ञान परंपरा में भौतिक विज्ञान विषय पर एक विशेष राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य व्याख्यान,आमंत्रित वक्तव्य एवं पैनल चर्चा के माध्यम से भारतीय पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों की वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर गहन मंथन हुआ। सम्मेलन के दौरान कुल 19 मुख्य व्याख्यान एवं 50 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। इनमें आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी,आईआईटी रुड़की,मैरीलैंड विश्वविद्यालय (अमेरिका),बाथ एवं ब्रिस्टल विश्वविद्यालय (यूनाइटेड किंगडम),स्टेलनबोश विश्वविद्यालय (दक्षिण अफ्रीका),सनवे विश्वविद्यालय (मलेशिया),बिट्स पिलानी गोवा,एमएनएनआईटी प्रयागराज,जामिया मिलिया इस्लामिया,दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। व्याख्यानों में भौतिकी,गणित,अभियांत्रिकी विज्ञान एवं अंतःविषय अनुसंधान से जुड़े नवीनतम शोध विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। देशभर से प्रतिभागिता,शोध पत्रों की प्रभावी प्रस्तुति देश के विभिन्न राज्यों में केरल,तमिलनाडु,कर्नाटक,राजस्थान,दिल्ली,पश्चिम बंगाल,पंजाब,हरियाणा,उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ से कुल 52 प्रतिभागियों ने भौतिक रूप से सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन के अंतर्गत 12 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें 150 से अधिक शोध पत्रों का मौखिक एवं पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुतीकरण हुआ। विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा मूल्यांकन के पश्चात उत्कृष्ट शोध कार्यों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समापन सत्र में शोध और नवाचार पर बल सम्मेलन का समापन समापन सत्र (वैलिडिक्टरी सत्र) के साथ हुआ। सत्र का शुभारंभ सम्मेलन संयोजक डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी द्वारा मुख्य अतिथि प्रो.एस.के.पांडे (आईआईटी बीएचयू वाराणसी),विशिष्ट अतिथि प्रो.अवनीश कुमार (विभागाध्यक्ष,गणित,बुंदेलखंड विश्वविद्यालय) एवं प्रो.मुकेश कुमार शर्मा (विभागाध्यक्ष,गणित,सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ) सहित सभी गणमान्य अतिथियों,वक्ताओं,अधिष्ठाताओं,विभागाध्यक्षों एवं संकाय सदस्यों के स्वागत से हुआ। सम्मेलन की संक्षिप्त रिपोर्ट डॉ.जागृति सहारिया (संयोजक,आईसीआरएपीएस) द्वारा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों एवं वक्ताओं ने सम्मेलन को अत्यंत उपयोगी एवं उच्च अकादमिक स्तर का बताया। विशिष्ट अतिथियों प्रो. अवनीश कुमार एवं प्रो.मुकेश कुमार शर्मा ने सम्मेलन की अकादमिक गुणवत्ता की सराहना करते हुए युवाओं को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि प्रो.एस.के.पांडे ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में अंतःविषय अनुसंधान, नवाचार एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.शशांक भाटरा एवं डॉ.जैवर्धन द्वारा सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कारों की घोषणा की गई। अंत में डॉ.कुसुम शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों,वक्ताओं,प्रतिभागियों,आयोजन समिति एवं छात्र स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन संयोजक डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि आईसीआरएपीएस 2026 ने शोध,नवाचार एवं अकादमिक सहयोग के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया है। भविष्य में ऐसे और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से वैज्ञानिक संवाद को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।