दूध से मक्खी की तरह न निकालें सरकार-मानदेय बढ़ाने और भविष्य सुरक्षित करने को भोजनमाताओं की हुंकार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल।राजकीय विद्यालयों में वर्षों से बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार कर रही भोजनमाताओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। अपने अधिकारों,सम्मानजनक मानदेय और सुरक्षित भविष्य की

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल।
राजकीय विद्यालयों में वर्षों से बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार कर रही भोजनमाताओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। अपने अधिकारों,सम्मानजनक मानदेय और सुरक्षित भविष्य की मांग को लेकर भोजनमाताओं ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। रविवार 8 फरवरी 2026 को कीर्तिनगर विकासखंड में भोजनमाताओं की एक अहम बैठक जगदम्बी देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई,जिसमें क्षेत्र की दर्जनों भोजनमाताओं ने भाग लेकर सरकार की नीतियों के प्रति आक्रोश जताया। 26 वर्षों की सेवा,फिर भी भविष्य अंधकारमय बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2002 से लेकर आज तक लगभग 26 वर्षों से वे विद्यालयों में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। इसके बावजूद न तो उनका मानदेय सम्मानजनक है और न ही भविष्य सुरक्षित। भोजनमाताओं ने दो टूक शब्दों में कहा सरकार हमें दूध में से मक्खी की तरह बाहर निकालने की तैयारी में है। हमें काम तो चाहिए,लेकिन सम्मान और सुरक्षा के साथ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें केवल भोजनमाता का नाम दिया परंतु मान-सम्मान,स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा के मामले में लगातार उपेक्षा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से निम्न मांगें की गई।‌ वर्तमान व्यवस्था समाप्त कर पूरे वर्ष का वेतन सुनिश्चित किया जाए। हटाए जाने या सेवानिवृत्ति की स्थिति में ग्रेच्युटी की तर्ज पर एकमुश्त सम्मानजनक राशि दी जाए। यदि छात्र संख्या घटती है तो शिक्षकों की तरह भोजनमाताओं को भी अन्य विद्यालयों में समायोजित किया जाए। वर्षों की सेवा को देखते हुए स्थायित्व और भविष्य सुरक्षा की स्पष्ट नीति बनाई जाए। भोजनमाताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि विद्यालयों की दैनिक व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है,लेकिन व्यवहार सौतेला किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए,तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। बैठक के दौरान भोजनमाताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इस अवसर पर सरोजनी देवी,रजनी देवी,सुदा देवी,राजो देवी,प्रभा देवी,पूनम देवी सहित ब्लॉक की दर्जनों भोजनमाताएं उपस्थित रहीं। भोजनमाताओं का यह आंदोलन संकेत देता है कि यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला,तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से बड़ा आंदोलन बन सकता है।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...