
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रीनगर नगर निगम द्वारा संचालित एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) अभियान अब जमीन पर असर दिखाने लगा है। इस मानवीय और वैज्ञानिक अभियान के तहत मंगलवार को दस आवारा कुत्तों का सफल बंध्याकरण किया गया,जिससे शहर में श्वान जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला के समीप स्थापित नवनिर्मित एबीसी सेंटर में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों द्वारा सोमवार से आवारा कुत्तों का उपचार एवं बंध्याकरण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रथम चरण में आज कुल 12 कुत्तों का बंध्याकरण प्रस्तावित था,जिसमें से 10 कुत्तों का ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है,जबकि शेष कुत्तों का उपचार प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि एबीसी सेंटर में एक समय में 50 से अधिक कुत्तों को रखने की समुचित व्यवस्था की गई है। फिलहाल नगर निगम द्वारा विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और उनकी टीम को अस्थायी रूप से तैनात किया गया है। यह अभियान आगामी 15 दिन से एक माह तक लगातार चलाया जाएगा,ताकि शहर में आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। इस अभियान को लेकर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी ने इसे शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि एबीसी सेंटर में आवारा श्वान पशुओं का उपचार पूरी तरह मानवीय और वैज्ञानिक पद्धति से विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। यह अभियान न केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है,बल्कि पशु कल्याण की दृष्टि से भी एक सकारात्मक कदम है। महापौर ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने पालतू श्वान को लावारिस न छोड़े,अन्यथा ऐसे श्वानों को भी एबीसी सेंटर लाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी नागरिक के आसपास आवारा श्वान पशु दिखाई दें,तो वे नगर निगम की हेल्पलाइन नंबर 9870666323 पर सूचना दे सकते हैं अथवा सीधे मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य जनसहयोग से श्रीनगर शहर को सुरक्षित,स्वच्छ और संतुलित बनाना है और एबीसी अभियान इसी दिशा में एक ठोस और दीर्घकालिक समाधान साबित होगा।