
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ के दूरस्थ गांवों में शिक्षा की लौ अब तकनीक के संग और अधिक प्रखर होने जा रही है। खिर्सू विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौगांव में 12 फरवरी 2026 को स्विफ्ट स्कूल मॉडल का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस पहल के साथ विद्यालय को समग्र डिजिटल अधिगम संरचना से जोड़ा गया है,जिससे छात्र-छात्राओं को आधुनिक और स्तरानुसार शिक्षा का अवसर मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत विद्यालय परिसर में स्विफ्ट पर्सनलाइज्ड लर्निंग असिस्टेंस लैब स्विफ्टपाल प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। साथ ही घर पर अध्ययन की निरंतरता बनाए रखने के लिए स्विफ्ट चैट अनुप्रयोग के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग की व्यवस्था भी की गई है। अब विद्यार्थी विद्यालय के साथ-साथ घर पर भी तकनीक आधारित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। यह अभिनव पहल उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से कन्वेजीनियस फाउंडेशन की साझेदारी में प्रारंभ की गई है। राज्य में शिक्षण परिणामों को बेहतर बनाने तथा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस मॉडल को अपनाया गया है। प्रत्येक छात्र को उसकी क्षमता के अनुसार मिलेगा मार्गदर्शन विद्यालय में स्थापित स्विफ्टपाल डिजिटल अधिगम प्रयोगशाला विद्यार्थियों को उनके सीखने के स्तर के अनुरूप व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेगी। इससे कक्षा शिक्षण को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी,अवधारणात्मक स्पष्टता बढ़ेगी और नियमित अभ्यास की आदत विकसित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली से विद्यार्थियों की सीखने की गति का निरंतर आकलन संभव होगा और कमजोर बिंदुओं पर समय रहते कार्य किया जा सकेगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के शिक्षा,स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि स्विफ्ट स्कूल मॉडल के लागू होने से विद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलें,जो महानगरों के विद्यालयों में उपलब्ध हैं। डॉ.रावत ने कहा कि यह पहल केवल तकनीक तक सीमित नहीं है,बल्कि इसमें शिक्षक,अभिभावक और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अंशुल बिष्ट ने विद्यालय द्वारा स्विफ्ट स्कूल मॉडल को अपनाने को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि यदि तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। नौगांव का यह विद्यालय अब खिर्सू क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा का एक नया उदाहरण बनकर उभरा है। पहाड़ के नौनिहालों के लिए यह पहल न केवल आधुनिक शिक्षा की ओर बढ़ता कदम है,बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी साबित हो सकती है।