व्यापार सभा के नाम पर वसूली का मामला गरमाया-जांच के आदेश के साथ दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। व्यापार सभा के नाम पर कथित रूप से धनराशि वसूले जाने के आरोपों ने श्रीनगर के व्यापारिक जगत में हलचल पैदा कर दी है। मामले को गंभीरता

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। व्यापार सभा के नाम पर कथित रूप से धनराशि वसूले जाने के आरोपों ने श्रीनगर के व्यापारिक जगत में हलचल पैदा कर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्ष द्वारा पुलिस प्रशासन को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि व्यापार सभा के नाम पर जिन्होंने भी रुपये लिए हैं,उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जाए। व्यापारियों का कहना है कि संगठन के नाम का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए,ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस संबंध में ज्ञापन सौंपने वालों में दिनेश असवाल अध्यक्ष व्यापार सभा श्रीनगर,अमित बिष्ट (महामंत्री,सुमन जोशी कोषाध्यक्ष,नवनीत जैन उपाध्यक्ष,राजेंद्र बड़थ्वाल,उपाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट मीडिया प्रभारी,वासुदेव कंडारी जिलाध्यक्ष,आनंद भंडारी उपाध्यक्ष,दिनेश पंवार जिला महामंत्री,दिनेश पंवार स्टांप विक्रेता एवं जिला मीडिया प्रभारी,जयदीप रावत,हिमांशु अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष सहित सुरेन्द्र चौहान,प्रवीण अग्रवाल,छवि अग्रवाल,सुजीत अग्रवाल,सुरेश उनियाल,कमल रावत,दिनेश लिंगवाल,संजीव अग्रवाल,संजय जैन,संजीव नेगी,आशीष पंवार,दिनेश रमोला,गबर रमोला,प्रकाश सती,सूर्य प्रकाश नौटियाल,दिनेश उनियाल,हरीश पंवार,सूरज घिण्डियाल,राजेंद्र कंडारी,महेश भट्ट,शक्ति डोभाल,गोपाल डूडेजा,मनोज जोशी,दिनेश गुप्ता,देवेंद्र मणि मिश्रा,विवेक अग्रवाल,प्रदीप बंसल,मुकेश अग्रवाल,बृजेश भट्ट,सुभाष लिंगवाल,सहित अनेक व्यापारी शामिल रहे। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि संगठन की गरिमा और विश्वसनीयता सर्वोपरि है। यदि किसी ने निजी लाभ के लिए व्यापार सभा के नाम का दुरुपयोग किया है,तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला व्यापारिक संगठनों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी बड़ा संदेश देगा। श्रीनगर का व्यापारी वर्ग चाहता है कि सच सामने आए और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले,ताकि संगठन की साख अक्षुण्ण बनी रहे।

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