कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार पर वैश्विक विमर्श-गढ़वाल विश्वविद्यालय के नवाचार परिषद के तत्वावधान में व्याख्यान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उच्च शिक्षा में तकनीकी जागरूकता और नवाचार संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की संस्था नवाचार

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उच्च शिक्षा में तकनीकी जागरूकता और नवाचार संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की संस्था नवाचार परिषद (संस्थान नवाचार परिषद) द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार विषय पर एक विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रत्यक्ष तथा आभासी,दोनों माध्यमों से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्वर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका से जुड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ डॉ.सौविक मंडल रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका,नवाचार आधारित शिक्षा की आवश्यकता तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। डॉ.मंडल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी साधन नहीं,बल्कि शिक्षा,स्वास्थ्य,उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने वाली प्रभावशाली शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीक को केवल उपयोग की दृष्टि से नहीं,बल्कि सृजन और शोध की दृष्टि से अपनाएं। संस्थान नवाचार परिषद के संयोजक डॉ.भास्करन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए परिषद की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद विश्वविद्यालय में नवाचार,अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ.शुभदीप मिस्त्री,डॉ.शिवानी उनियाल एवं डॉ.पिया रॉय चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन प्रत्यक्ष तथा आभासी माध्यम से सुव्यवस्थित रूप से किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण,शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार से संबंधित विविध विषयों पर प्रश्नोत्तर एवं विचार-विमर्श किया। यह आयोजन केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहा,बल्कि ज्ञानवर्धक संवाद का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। एसआरटी परिसर के निदेशक द्वारा प्रदान किए गए निरंतर सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। अंत में रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो.वीना जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह व्याख्यान विश्वविद्यालय में नवाचार संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। यह व्याख्यान विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नवाचार की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ज्ञान और तकनीक के समन्वय से ही भविष्य की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

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