
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि की धरती पर सामाजिक न्याय और विधिक जागरूकता की मशाल को और प्रज्वलित करते हुए उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के तत्वावधान में राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर के सभागार में सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके संवैधानिक अधिकारों,कर्तव्यों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था,ताकि वे जागरूक नागरिक बनकर अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकें और समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। शिविर को संबोधित करते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कु.अलका ने कहा कि सामाजिक न्याय का वास्तविक अर्थ है समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर,समान अधिकार और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति,लिंग,वर्ग,भाषा या आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव सामाजिक समरसता के लिए घातक है। जब समाज का प्रत्येक वर्ग समान रूप से विकास की मुख्यधारा में भागीदारी करता है,तभी सच्चे अर्थों में सामाजिक न्याय की स्थापना होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विधिक जानकारी को केवल ज्ञान तक सीमित न रखें,बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। शिविर में पीएलबीसदस्यों ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था,महिला अधिकार एवं संरक्षण कानून,बाल संरक्षण अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार भूमि विवाद एवं राजस्व संबंधी प्रकरण,लोक अदालत की प्रक्रिया एवं उसके लाभवक्ताओं ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग,महिलाएं,अनुसूचित जाति-जनजाति,दिव्यांगजन,वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य पात्र वर्ग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत एक सरल,त्वरित एवं सुलभ न्याय व्यवस्था है,जहां आपसी समझौते से मामलों का समाधान कर समय और धन दोनों की बचत की जा सकती है। कार्यक्रम में संरक्षक अनूप पांथरी,अध्यक्ष परमेश चंद्र जोशी,पूर्व सह सचिव प्रदीप मैठाणी,कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट,भूपेंद्र पुंडीर,आर.पी.थपलियाल,डिप्टी डायरेक्टर सर्वेश कुमार वर्मा,आशुतोष नौटियाल,अनिल कुमार साह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच संचालन अनिल कुमार शाह द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया,जिससे कार्यक्रम की गरिमा और अनुशासन बना रहा। जागरूक नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की नींव सामाजिक न्याय दिवस पर आयोजित यह शिविर केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं,बल्कि न्याय और अधिकारों की समझ को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास रहा। विद्यार्थियों में दिखा उत्साह इस बात का संकेत था कि नई पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति सजग और जिम्मेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। निस्संदेह,ऐसे आयोजन समाज में विधिक चेतना को मजबूत करने और न्यायपूर्ण व्यवस्था की नींव को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होंगे।