हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। चौरास में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम इस वर्ष उल्लास,उमंग और सामाजिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल बनकर सामने आया। रंगों के इस पर्व पर जब मंच सजा,ढोल-दमाऊं की थाप गूंजी और गुलाल की खुशबू हवा में घुली,तो पूरा वातावरण फागुन की मादकता से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह के साथ पारंपरिक अंदाज में फूलों की होली खेलते हुए प्रेम,भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। विधायक कंडारी ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं,बल्कि मन के द्वेष मिटाकर हृदयों को जोड़ने का पर्व है। सांस्कृतिक संध्या का आकर्षण रहे लोकगायक सौरभ बहुगुणा और सुप्रसिद्ध गायिका प्रतीक्षा बमराड़ा। दोनों कलाकारों ने अपने मधुर,सुमधुर और मनमोहक गीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा पांडाल झूम उठा। फाग और होली गीतों की स्वर लहरियों पर युवा,बुजुर्ग और महिलाएं सभी झूमते नजर आए। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दे रहे थे। मंच से होली के पारंपरिक गीतों के साथ-साथ आधुनिक फ्यूजन प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। आयोजन समिति की सुसंगठित व्यवस्थाओं ने कार्यक्रम को अनुशासित और भव्य स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता,युवा वर्ग और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरा चौरास क्षेत्र देर शाम तक रंग और संगीत की सुरमयी धुनों में डूबा रहा। चौरास का यह होली मिलन समारोह न केवल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव बना,बल्कि सामाजिक एकता और पारस्परिक सद्भाव का सशक्त संदेश भी दे गया। फागुन की इस रंगीन शाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होकर उत्सव मनाता है,तो रंग केवल चेहरों पर नहीं,दिलों में भी उतर जाते है।