
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर उत्तराखंड में स्टार्टअप से जुड़े कानूनी एवं नैतिक पहलुओं पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के एस्ट्रोफिजिक्स भवन में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों,शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं,नैतिक मानकों तथा उद्यमिता के विभिन्न आयामों के प्रति जागरूक करना रहा,ताकि वे भविष्य में अपने नवाचारों को सफल व्यवसायिक रूप दे सकें।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी श्रीनगर उत्तराखंड के डॉ.अखिलेश नौटियाल रहे। उन्होंने अपने विस्तृत व्याख्यान में स्टार्टअप की स्थापना से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं,बौद्धिक संपदा अधिकार,पंजीकरण,वित्तीय पारदर्शिता तथा व्यवसायिक नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता केवल अच्छे विचार पर ही निर्भर नहीं करती,बल्कि उसे सही कानूनी ढांचे और मजबूत नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक होता है। उन्होंने युवाओं को नवाचार के साथ-साथ जिम्मेदार और पारदर्शी उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो.नटाना मुरुगाराज गोविंदन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख मंच बनते जा रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई सोच,अनुसंधान और स्टार्टअप की दिशा में प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ.गुंजन गोस्वामी ने कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना भी अत्यंत आवश्यक है और स्टार्टअप इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता के रूप में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो.हेमवती नंदन ने भारत सरकार द्वारा युवाओं के लिए संचालित विभिन्न स्टार्टअप एवं नवाचार योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की कई योजनाएं और पोर्टल युवाओं को अपने नवाचार को व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए आर्थिक,तकनीकी और मार्गदर्शी सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर डॉ.संजय उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता देश के आर्थिक विकास,रोजगार सृजन तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचारों को समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के संयोजक डॉ.भास्करन ने युक्ति पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है,जहां विद्यार्थी और शोधार्थी अपने विचारों को साझा कर उन्हें आगे विकसित करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ.विनीत कुमार मौर्य द्वारा सभी अतिथियों,वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षक,शोधार्थी और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही,जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।