स्वर्णिम उपलब्धियों का महाकुंभ-गढ़वाल विश्वविद्यालय के दीक्षांत में मेडल विजेताओं ने रचा इतिहास 105 गोल्ड मेडल से चमका परिसर,राधिका नेगी और अदिति कण्डारी बनी आकर्षक का केंद्र

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। मेहनत,प्रतिभा और लगन का स्वर्णिम उत्सव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया,जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के 12 वें दीक्षांत समारोह में मेडल विजेताओं ने

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। मेहनत,प्रतिभा और लगन का स्वर्णिम उत्सव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया,जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के 12 वें दीक्षांत समारोह में मेडल विजेताओं ने पूरे परिसर को गौरव से भर दिया। हर ओर तालियों की गूंज और चेहरों पर चमक-यह सिर्फ एक समारोह नहीं बल्कि वर्षों की साधना का सार्वजनिक सम्मान था। कुलाधिपति डॉ.योगेन्द्र नारायण की अध्यक्षता में आयोजित इस भव्य समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने 105 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। यह पल न केवल विद्यार्थियों के लिए,बल्कि उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। इस स्वर्णिम सूची में भूगोल विषय में राधिका नेगी और रसायन विज्ञान में आदिति कण्डारी ने गोल्ड मेडल हासिल कर विशेष पहचान बनाई। इन प्रतिभाशाली छात्राओं की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि गढ़वाल की बेटियां आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। समारोह के दौरान जब उनके नाम पुकारे गए,तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मेडल विजेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं,बल्कि उत्तराखंड और देश की शैक्षिक प्रतिष्ठा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को और अधिक ऊर्जा और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा,ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सांस्कृतिक वेशभूषा में आयोजित दीक्षांत समारोह भारतीय परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने मेडल विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री और मेडल केवल सम्मान नहीं बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी इस उपलब्धि को समाज और राष्ट्र निर्माण में सार्थक रूप से उपयोग करें। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेश भी पढ़ा गया,जिसमें मेधावी विद्यार्थियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। समारोह के दौरान ग्रामीण एवं अभियंत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका माउन्टेन रिसर्च के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। अंत में कुलसचिव अनीश उज्जमां ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए समन्वयक प्रो हरभजन सिंह चौहान और पूरी टीम को बधाई दी। इस भव्य अवसर पर एसएसबी के डीआईजी सुभाष चन्द्र नेगी,प्रो.रामशंकर दुबे पूर्व कुलपति गुजरात विश्वविद्यालय,प्रो.मंजुला राणा,प्रो.मोहन पंवार,प्रो.एन.एस.पंवार,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाई,मुख्य नियंता प्रो.दीपक कुमार,प्रो.अजीत नेगी,प्रो.वाई.पी.रैवानी,प्रो.डी.एस.नेगी,प्रो.एम.एम.सेमवाल,चौरास परिसर निदेशक प्रो.राजेन्द्र सिंह नेगी,छात्रावास अधीक्षक डॉ.एस.एस.बिष्ट सहित कार्यकारी परिषद एवं अकादमिक परिषद के सदस्य,संकायाध्यक्ष,विभागाध्यक्ष,शिक्षक एवं छात्रसंघ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दीक्षांत का यह स्वर्णिम अध्याय इस बात का साक्षी बन गया कि जब मेहनत को मंच मिलता है,तो उपलब्धियां इतिहास रच देती हैं और गढ़वाल विश्वविद्यालय के मेडल विजेताओं ने यही कर दिखाया।

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