
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। सुभाषचंद्र बोस छात्रावास में निवासरत छात्रों के लिए एक अत्यंत उपयोगी एवं जागरूकता से भरपूर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें स्वास्थ्य संरक्षण,स्वच्छता व्यवहार और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना था,बल्कि उन्हें आकस्मिक परिस्थितियों में सजग,सक्षम और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी रहा। कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालय के सामुदायिक चिकित्सा विभाग से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने छात्रों को स्वास्थ्य की मूलभूत अवधारणाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं,बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है,जो अनेक संक्रामक रोगों से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली स्वच्छ आदतों,संतुलित आहार,नियमित दिनचर्या और रोगों की रोकथाम के उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों द्वारा प्राथमिक उपचार की आवश्यक जानकारी भी दी गई,जिसमें चोट,जलने,बेहोशी अथवा अन्य आकस्मिक स्थितियों में तुरंत किए जाने वाले उपायों को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। साथ ही आपदा की स्थिति-जैसे भूकंप,आगजनी या अन्य प्राकृतिक संकट के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने और दूसरों की सहायता करने के तरीकों पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान छात्रों को सतर्कता,धैर्य और सामूहिक सहयोग की महत्ता से अवगत कराया गया। छात्रावास के वार्डन मुकेश बहुगुणा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि जीवन कौशल और आपदा प्रबंधन की समझ भी उतनी ही आवश्यक हो गई है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक रूप से अधिक उत्तरदायी बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रावास प्रशासन द्वारा छात्रों के उपयोग हेतु आवश्यक दैनिक सामग्रियों का भी वितरण किया गया,जिससे छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत एवं सफल बना दिया। इस सफल आयोजन में अभिषेक,नितिन बिष्ट,शशिकला,अनिल सिंह,गंगा देवी,गुड्डी देवी,जयंती देवी एवं कविता देवी का विशेष योगदान रहा। सभी के समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक और व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्रों के नियमित आयोजन की मांग की। यह आयोजन निस्संदेह छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।