हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों से जुड़ी चारधाम यात्रा को इस वर्ष और अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते बड़ी पहल शुरू कर दी है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा शुरू होने से पहले ही चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में पौड़ी और उत्तरकाशी जनपदों के चिकित्सा अधिकारियों के लिए दो दिवसीय चारधाम स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा मार्गों पर आने वाले श्रद्धालुओं को हर परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सुविधा मिल सके। एचएनबी बेस अस्पताल के नेल्स स्किल सेंटर में आयोजित इस प्रशिक्षण में यात्रा मार्ग से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के 26 चिकित्सक प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्हें विशेष रूप से उच्च हिमालयी क्षेत्रों (हाई एल्टीट्यूड) में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे सांस लेने में दिक्कत,अत्यधिक थकान,रक्तचाप असंतुलन एवं हृदय संबंधी परेशानियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं,बल्कि सेवा और समर्पण का एक महान अवसर भी है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और सेवा भाव के साथ निभाएं,क्योंकि तीर्थयात्रियों की सेवा करना अपने आप में पुण्य अर्जित करने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि मानव सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और चिकित्सकों को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो.अजेय विक्रम सिंह के अनुसार यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है,जिसके तहत आगामी चरणों में अन्य जिलों के चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों में डॉ.के.एस.बुटोला,डॉ.सुरेंद्र सिंह नेगी,डॉ.धनंजय डोभाल,डॉ.सतेंद्र यादव सहित अन्य विशेषज्ञों द्वारा आपात स्थितियों और उनके प्रभावी उपचार की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में भाग लेते हैं,जिनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों और पूर्व से बीमार लोगों की होती है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल चिकित्सकों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा,बल्कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली आकस्मिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में भी अहम भूमिका निभाएगा। चारधाम यात्रा से पहले शुरू किया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,जिससे इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुरक्षित,सुगम और स्वास्थ्यपूर्ण यात्रा अनुभव मिल सकेगा।