
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण और राष्ट्रभावना के संचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्र सेविका समिति द्वारा चार दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का शुभारंभ शनिवार को सरस्वती शिशु मन्दिर परिसर में हुआ। रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल जिलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में 45 प्रशिक्षार्थी बहनों ने उत्साह और ऊर्जा के साथ सहभागिता कर प्रशिक्षण आरंभ किया। इस शिक्षा वर्ग का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं,बल्कि सेविकाओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। वर्ग में बहनों को योग,व्यायाम,दण्ड प्रहार,खेल,बौद्धिक सत्र और चिंतन-चर्चा के माध्यम से शारीरिक,मानसिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षिका के रूप में कुमारी आरुषि राना प्रशिक्षण का नेतृत्व कर रही हैं,जबकि वर्ग अधिकारी कमला गोसाईं एवं वर्ग कार्यवाहीका कृष्णा भट्ट अपने दायित्वों का कुशल निर्वहन कर रही हैं। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्र सेविका समिति के ऐसे शिक्षा वर्गों का मूल उद्देश्य नारी शक्ति को जागरूक,संगठित और आत्मनिर्भर बनाना है,ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। चार दिनों तक चलने वाले इस वर्ग में अनुशासन,सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को गहराई से आत्मसात कराया जाएगा,जिससे प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बन सकें। कार्यक्रम के सफल संचालन में सरस्वती शिशु मन्दिर परिवार का विशेष योगदान रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह एवं विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र मैठानी का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं भोजन व्यवस्था में उपेन्द्र,राकेश और उषा द्वारा दिया जा रहा सहयोग आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित यह शिक्षा वर्ग न केवल प्रशिक्षण का माध्यम है,बल्कि यह नारी शक्ति के जागरण,सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी सशक्त मंच बन रहा है। स्पष्ट है कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग पहाड़ की बेटियों को आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।